जियो अब अपने यूजर्स को दे रही पार्टनर बनने का मौका, कर सकते हैं कमाई-बस करना होगा ये काम

नई दिल्ली: कोरोना के चलते लॉकडाउन को देखते हुए रिलायंस जियो अब अपने यूजर्स को कमाई करने का भी मौका दे रही है। दरअसल, जियो ने अपने यूजर्स के लिए Jio POS Lite ऐप लॉन्च किया है। इसके जरिए आप किसी भी जियो नंबर को रिचार्ज कर सकते हैं और कमीशन कमा सकते हैं। हालांकि, अभी भी आप माई जियो एप से रिचार्ज कर सकते हैं, लेकिन इसमें आपको कमीशन नहीं मिलता है, लेकिन नए एप से आप कमाई भी कर सकते हैं।

Jio POS Lite कम्युनिटी रिचार्ज ऐप की खास बात ये है कि इस ऐप के जरिए कोई भी जियो पार्टनर बन सकता है और रिचार्ज के जरिए कमीशन कमा सकता है। ये ऐप फिलहाल Google Play Store पर उपलब्ध है। इसे वहां से डाउनलोड करके कोई भी जियो पार्टनर बना सकता है। जियो पार्टनर बनने के लिए आपको पहले अपने आप को रजिस्टर कराना होगा। इसके लिए किसी भी तरह की फिजिकल वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होती है और न ही किसी भी डॉक्युमेंट के हार्ड कॉपी की जरूरत होती है।

जियो पार्टनर बनने के बाद आप किसी भी यूजर के Jio नंबर को Jio POS Lite कम्युनिटी ऐप के जरिए रिचार्ज कर सकते हैं। हर नंबर को रिचार्ज करने के बाद आपको एक निश्चित राशि कमीशन के तौर पर मिलेगी। हालांकि, यूजर चाहें तो अपने नंबर को Jio की आधिकारिक वेबसाइट और My Jio ऐप से भी कर सकते हैं, लेकिन ये ऐप उन यूजर्स को फायदा पहुंचाएगा, जोकि ऑनलाइन बैंकिंग या किसी भी तरह के डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं।

Jio POS Lite ऐप के जरिए कंपनी पार्टनर को 4.16 प्रतिशत का कमीशन ऑफर कर रही है। हर रिचार्ज अमाउंट पर पार्टनर को यह कमीशन ऑफर किया जाएगा। पार्टनर इस ऐप में कमाए गए कमीशन और वॉलेट बैलेंस को चेक कर सकते हैं। इसमें पार्टनर को पिछले 20 दिनों का ट्रांजेक्शन भी दिखाई देगा। जैसे ही आप पार्टनर बनने के लिए इस ऐप में रजिस्टर करते हैं, आपसे अपने वॉलेट में पैसा लोड करने के लिए कहा जाएगा। आप इसे 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक की राशि को लोड कर सकते हैं। इस ऐप के जरिए हर 100 रुपये की खपत के बाद पार्टनर को 4.16 रुपये का लाभ मिलता है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper