जीवन के अंतिम पड़ाव पर थाने के चक्कर लगा रही यह बुजुर्ग महिला

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी की 75 वर्षीय महिला की करोडों की रुपए की संपति उसके दामाद ने ही हडप ली। अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर पहुंची यह महिला थानों के चक्कर लगाकर परेशान हो चुकी है और पुलिस की कार्यप्रणाली को देखते हुए न्याय की उम्मीद छोड़ चुकी है। दामाद और उसके साथियों ने एमपी नगर में स्थित करोड़ों की संपत्ति हड़पने के बाद दो साल से महिला थानों के चक्कर काटती रही। जैसे तैसे पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की तो अब लचर जांच और लापरवाही से उनके कोर्ट में बयान भी दर्ज नहीं हो सके।

अरेरा कालोनी निवासी 75 वर्षीय वृद्घ महिला ऊषा माहेश्वरी शुक्रवार को अपर-सत्र न्यायाधीश के. अतुलकर की अदालत में व्हील चेयर पर बयान देने पहुंची थीं। हृदय रोग और शुगर पेसेंट वृद्घ महिला चलने-फिरने और आंखों से ठीक तरह से देखने में भी असमर्थ हैं। अदालत के समन पर जब बयान देने पहुंचीं तो मामले के चालान में पुलिस ने जप्त दस्तावेजों की फोटो कॉपी ही लगा रखी थी। यह तथ्य सामने आते ही कि मामले से जुड़े असल दस्तावेज प्रकरण फाइल में नहीं हैं तो उनकी गवाही नहीं हो सकी।

ऊषा माहेश्वरी को जब यह जानकारी दी गई तो वे रुआंसी हो गईं। उन्होंने भरे गले से कहा कि पुलिस नहीं चाहती की मुझे जीतेजी न्याय मिले। पुलिस मेरे मरने का इंतजार कर रही है। वह चाहती है मेरे बयान न हों और आरोपी बच जाएं। उन्होंने बताया कि भतीजी दामाद संजय मंत्री ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर उनकी एमपी नगर स्थित करोड़ों की संपत्ति बेच दी है। इसकी रिपोर्ट उन्होंने पहले एमपी नगर थाने में की थी। वहां उन्हें करीब दो महीने तक चक्कर काटने पड़े और क्षेत्राधिकार का हवाला देकर मामले को टीटी नगर थाने भेज दिया गया।

टीटी नगर थाने में भी काफी जद्दोजहद के बाद 26 मार्च 2016 को उनके दामाद संजय मंत्री व उसके चार साथियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकरण दर्ज करने के बाद उनके दामाद संजय मंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया और मामले का चालान अदालत में पेश कर दिया गया। वह अभी जेल में है। इस मामले में शेष चार आरोपियों को पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper