जेटली-माल्या मुलाक़ात बीजेपी के लिए कोढ़ में खाज

दिल्ली ब्यूरो: वित्तमंत्री अरुण जेटली फास्ट जा रहे हैं। माल्या से उनकी मुलाक़ात अब बीजेपी के लिए कोढ़ में खाज की तरह खदबदा रहा है। राफेल पर फसी बीजेपी अभी उससे निकलने का रास्ता ही देख रही थी कि माल्या का बम बीजेपी को चित कर दिया। कल तक कांग्रेस पर हमलावर रही बीजेपी अब डिफेंसिव लग रही है। खेल बड़ा निराला है। वित्तमंत्री अरुण जेटली मान रहे हैं कि मुलाकात हुई थी, लेकिन बैंकों के सेटलमेंट पर बात होने से भी इनकार नहीं कर रहे हैं। माल्या के दावे के बाद कांग्रेस और सभी विपक्षी दल समेत बीजेपी के बागी भी हमलावर हैं।

उधर पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला है। यशवंत सिन्हा ने कहा है कि सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। यशवंत सिन्हा ने कहा, ”बड़ा मुद्दा यह है कि जब इस मामले को लेकर सरकार पर आरोप लग रहे थे, विपक्ष कह रहा था कि सरकार ने भगाया है, संसद में चर्चा हुई तो उस समय वित्त मंत्री अरुण जेटली जी ने इस मुलाकात के बारे में क्यों नहीं बताया?”

यशवंत सिन्हा ने कहा, ”यह बहुत ही गंभीर मामला है जो आरोप विजय माल्या ने लगाए हैं। जहां तक मुलकात का सवाल है, बात का सवाल है तो वो हो सकती है। चलते चलते भी हो सकती है, कमरे में बैठकर भी हो सकती है लेकिन बड़ा मुद्दा यह है कि जब इस मामले को लेकर सरकार पर आरोप लग रहे थे। विपक्ष कह रहा था कि सरकार ने भगाया है, संसद में चर्चा हुई तो उस समय वित्त मंत्री अरुण जेटली जी ने क्यों नहीं बताया इस मुलकात के बारे में? उस समय उन्हें बताना चाहिए था कि माल्या मिला था और उसने सेटलमेंट की बात कही थी.”

यशवंत सिन्हा ने कहा, ”इस मामले में तथ्य छुपाए गए हैं, यह विशेषाधिकार हनन का भी मामला बनता है। माल्या कह रहा है कि वो अपने लंदन जाने की बात भी कह कर निकला था। यदि अरुण जेटली जी को इसकी जानकारी थी और उनको होनी भी चाहिए थी तो बतौर वित्तमंत्री उन्हें संबंधित एजेंसियों को इसके बारे में बताना चाहिए था।” इतना ही नहीं उन्होंने कहा, ”इससे लगता है कि प्रत्यर्पण की पूरी प्रक्रिया केवल एक दिखावा है। हालांकि उसमें क्या होता है यह अभी 10 दिसम्बर को सामने आ जाएगा। प्रधानमंत्री ने 1 सितंबर को सरकारी कार्यक्रम में आरोप लगाए, कहा लैंडमाइन लगी अर्थव्यवस्था मिली थी विरासत में और उन्होंने फ्रॉड और घोटालों का ज़िक्र किया। फ्रॉड एक अपराध है। 2014 के बाद उनको यदि जानकारी मिली थी तो बताएं कि क्या एक भी आर्थिक अपराधी के खिलाफ कार्रवाई हुई और उसे पकड़ गया?”

इस मामले में बीजेपी के नाराज सांसद कीर्ति आजाद ने ट्वीट किया, ”फिर क्या हुआ? जब अरुण जेटली को मालूम था कि विजय माल्या लंदन जा रहा है और उसके ऊपर करोड़ों का कर्ज है तो फिर जेटली ने ईडी, सीबीआई एजेंसियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी? उसे विदेश भागने से रोका क्यों नहीं? दाल में काला है या फिर पूरी दाल काली है?

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