जैकलीन को दिखता है हर जगह यौन उत्पीड़न

मुंबई: विदेश से चले मीटू ने बॉलीवुड को मथकर रख दिया है, यही वजह है जहां देखिए वहीं यौन उत्पीड़न के किस्से सामने आ रहे हैं। इस कैंपेन के चलते खुले तौर पर अनेक महिला कलाकारों ने अपनी आपबीती दुनिया के सामने रख दी है। इनमें कितनी सच्चाई है और कितना झूठ और फरेब यह तो जांच का विषय हो सकता है, लेकिन सच तो यही है कि मीटू के कारण महिलाओं में अपने साथ हुए दुराचार और यौन उत्पीड़न के खिलाफ बोलने की हिम्मत मिली है। हाल ही में अभिनेत्री सोनी राजदान ने ऐसा कुछ बताया था, जिससे सभी चौंक गए।

उन्होंने रेप की कोशिश किए जाने की बात तक कह दी थी। अब मशहूर अदाकारा जैकलीन फर्नांडिस ने मीटू का समर्थन करके सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दरअसल जैकलीन का कहना है कि ‘यौन उत्पीड़न महज फिल्म जगत में हो या इससे जुड़ा एक मुद्दा हो ऐसा नहीं है, बल्कि यह तो पूरे समाज में व्याप्त है। इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा कि यौन हिंसा की फिराक में घूम रहे लोग सभी जगह मौजूद हैं। ऐसे लोग तो कभी-कभी हमारे अपने घर में मौजूद होते हैं।’ जैकलीन की इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता, लेकिन सवाल यह है कि जिस प्रकार से बॉलीवुड के कलाकारों ने अपनी आपबीती सुनाने और इसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत दिखाई है क्या वो अन्य जगहों के लोग भी दिखा सकते हैं।

इसलिए जैकलीन कहती हैं कि हम सभी को वास्तविक मुद्दे से भटकना नहीं चाहिए। यह पूरा मामला सिर्फ सेक्स से जुड़ा हुआ नहीं है बल्कि यह पद के दुरुपयोग से लेकर शक्ति संघर्ष तक जाता है। इसलिए इस मामले को आगे भी विचार में लिया जाना चाहिए और खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए। ताकि उसका हल निकाला जा सके। किसी सुलझे हुए विचारक की तरह बात करती जैकलीन जानती हैं कि भारतीय परिदृष्य में लैंगिक चर्चा करना अपने आप में एक समस्या है, लेकिन इसके बगैर समस्या का समाधान निकालना भी मुश्किल होगा, इसलिए इस पर चर्चा रुकनी नहीं चाहिए।

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