ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे मामले में सुनवाई पूरी, कल आ सकता है फैसला

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी-सर्वे करने के मामले में स्थानीय अदालत में बुधवार को सुनवाई पूरी हो गयी तथा अदालत की ओर से कल इस मामले का फैसला सुनाये जाने की संभावना है। सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने बुधवार को वीडियोग्राफी के लिये नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर को बदलने तथा वीडियाेग्राफी के तौर तरीकों और नयी तिथि तय किये जाने के संबंध में हिंदू और मुस्लिम पक्ष की ओर से अपनी दलीलें दी गयीं।

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि उनकी ओर से अदालत से अनुरोध किया गया कि वीडियोग्राफी दल को मस्जिद के तहखाने में जाने की अनुमति दी जाये। उन्होंने कहा कि अदालत ने अपने पिछले फैसले में उस भूखंड की वीडियोग्राफी करने का आदेश दिया था, जिस पर मस्जिद का ढांचा खड़ा है। हिंदू पक्ष का कहना है कि इस फैसले के आधार पर वीडियोग्राफी का काम मस्जिद के चारों ओर लगी बैरीकेटिंग के अंदर तथा तहखाने में वीडियाेग्राफी करने का प्रावधान है। वकील ने यह भी कहा कि अदालत में एडवोकेट कमिश्नर को बदलने अथवा वीडियोग्राफी का काम स्वयं जज द्वारा किये जाने के मुद्दों पर भी बहस हुयी। अदालत इन सभी मुद्दों पर कल दोपहर 12 बजे अपना फैसला सुना सकती है।

उल्लेखनीय है कि मुस्लिम पक्ष ने एडवोकेट कमिश्नर पर भेदभाव बरतने का आरोप लगाते हुए उन्हें बदले जाने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि मस्जिद के अंदर वीडियोग्राफी करने का कोई निर्देश अदालत के फैसले में नहीं है। जिला प्रशासन ने भी वीडियोग्राफी के तौर तरीकों के बारे में अदालत से स्पष्ट निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।

मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी का काम छह मई को शुरु हुआ था। अगले दिन सात मई को मस्जिद प्रबंधन की आपत्तियों के कारण वीडियोग्राफी दल बैरीकेटिंग के अंदर प्रवेश नहीं कर सका था तथा सर्वे का काम रुक गया था।

 

 

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