ज्योतिषाचार्यों की गणना में एक्जिट पोल फेल, बहुमत से पीछे रह जाएगा एनडीए

वाराणसी: लोकसभा चुनाव 2019 के संभावित परिणामों पर ज्यादातर एग्जिट पोल भले ही भाजपानीत एनडीए की सत्ता में वापसी तय बता रहे हों, लेकिन ज्योतिष की गणना की मानें तो परिणाम इसके विपरीत आने वाले हैं। मोदी के चुनाव क्षेत्र काशी के ज्योतिषाचार्य खंडित जनादेश की बात कह रहे हैं। इनकी मान्यता है कि गुरु के घर में केतु और शनि के त्रिकोण के कारण भाजपा सबसे बड़ा दल तो होगा, लेकिन बहुमत की राह आसान नहीं है।

सूर्य और बुध की युति कई दलों को सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने के लिए पालाबदल का भी संकेत दे रही है। वहीं यह चुनाव महिला शक्ति के प्राकट्य की नई इबारत भी लिखने जा रहा है। ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार आकाश मंडल में धनु राशि पर बृहस्पति, शनि और केतु का त्रिकोण बन रहा है। शनि के साथ केतु की युति जनतंत्र को अस्थिर बना रहा है।

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इसी ग्रह गोचर में चुनाव की घोषणा के बाद आ रहे चुनाव परिणामों और सरकार के गठन का प्रभाव भविष्य में दिखेगा। जो भी सरकार बनेगी वह पांच साल पूर्ण नहीं कर पाएगी। द्विवेदी का अनुमान है कि चुनाव में एनडीए 220 से 240 (भाजपा को अकेले 140-160), यूपीए को 110-140 (यूपी में 10 सीट के अंदर), सपा-बसपा गठबंधन को 50-60 और अन्य राजनीतिक दलों को 60-100 के बीच सीटें मिलेंगी।

वहीं, एक अन्य ज्योतिषी पंडित दीपक मालवीय ने भी कहा कि सरकार गठन में काफी परेशानी आ सकती है और नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत भविष्य भी संकेत देता है कि सरकार गठन के लिए उन्हें समझौते करने पड़ सकते हैं। दीपक ने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, मेघालय, मिजोरम, आंध्र प्रदेश और केरल की पार्टियां सरकार गठन के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी.” कांग्रेस के बारे में उन्होंने कहा कि पार्टी अपना स्थिति मजबूत करेगी और उसका वोट प्रतिशत भी बढ़ेगा, लेकिन दिल्ली की कुर्सी से दूर रहेगी।

ज्योतिषी गणेश प्रसाद मिश्र भी अन्य दोनों ज्योतिषियों के अनुमान से सहमत हैं, बल्कि वह यह भी कहते हैं कि ग्रहों की स्थित के कारण 16वीं लोकसभा के कई चेहरे 17वीं लोकसभा में नहीं दिखाई देंगे।

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