झारखंड: बच्ची से दुष्कर्म करके हत्या के दोषी को मरने तक जेल में रहने की सजा

जमशेदपुर. टाटानगर रेलवे स्टेशन से 25 जुलाई 2019 को तीन साल की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में सोमवार को तीनों दोषियों को अलग-अलग सजा सुनाई गई। मुख्य आरोपी रिंकू साव को मौत होने तक आजीवन कारावास की सजा और 90 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया जबकि दूसरे दोषी मोनू मंडल को 10 साल कारावास और 20 हजार रुपए और तीसरे दोषी कैलाश कुमार को 7 साल सजा और 10 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई गई। तीनों दोषियों को कोर्ट ने 11 जून 2020 को दोषी करार दिया था। सजा के लिए आज की तारीख तय की गई थी।

टाटानगर स्टेशन से हुआ था बच्ची का अपहरण

आरोपियों ने टाटानगर स्टेशन से बच्ची की अपहरण के बाद दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था, फिर बच्ची की हत्या कर सिर व धड़ को अलग-अलग जगह पर फेंक दिया था। मामले की सुनवाई कर रहे जिला जज सुभाष की अदालत ने टेल्को रामाधीन बागान निवासी रिंकू साहू, काशीडीह के कैलाश कुमार और बच्ची की मां के प्रेमी मोनू मंडल को दोषी मानकर सजा सुनाई। मामले में कुल 30 लोगों को गवाह बनाया गया था, लेकिन 20 की ही गवाही हुई। तीनों दोषियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराई गई और सजा का एलान किया गया।

11 महीने में कोर्ट ने पूरी की सुनवाई

बचाव पक्ष से विद्या सिंह, जॉली दास, डीएलएसए के पैनल लॉयर कमलकांत सिन्हा ने पैरवी की। वहीं, सरकार की तरफ से अपर लोक अभियोजक रमेश नारायण तिवारी ने बहस की। 11 महीने के अंदर ही कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली। पुलिस ने फॉरेंसिक जांच व डीएनए टेस्ट भी कराया। बच्ची की मां के बयान पर रेल थाना में तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं तथा पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने कोर्ट में दोषियों के खिलाफ 245 पेज का आरोपपत्र दाखिल किया था।

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