टिड्डियों के हमले को लेकर 16 राज्यों को केंद्र ने जारी की चेतावनी

सोनभद्र: टिड्डियों के झुंड ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में फसलों को बर्बाद कर दिया। यह जिला बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्यप्रदेश की सीमाओं से जुड़ा है। टिड्डियों के हमले ने छह राज्यों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने इसे लेकर 16 राज्यों को चेतावनी जारी की है।

उत्तर प्रदेश के कृषि अधिकारियों ने कहा कि दोपहर में टिड्डियों का समूह मध्यप्रदेश से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के घोरावाल इलाके में पहुंचा और कई गांवों की सब्जियों की खेती को चट कर गया। एक स्थानीय निवासी जगदीश सिंह ने कहा, “टिड्डियों का झुंड कई समूहों में गांव के ऊपर से उड़ा और सब्जियों की खेती को तबाह कर गया।” वहीं जिले के कृषि अधिकारी पीयूष राय ने कहा कि ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है क्योंकि ज्यादातर सब्जियों और दूसरे फसलों की कटाई कर ली गई थी।

दूसरी ओर, करीब 1200 किलोमीटर दूर कर्नाटक के बीदर में किसान पहले से ही टिड्डियों को लेकर सचेत हो गए हैं और उनके हमले से फसलों को बचाने की तैयारी शुरू कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि मंगलवार को पश्चिम महाराष्ट्र पहुंचा टिड्डियों का दल यहां से कर्नाटक की ओर बढ़ सकता है। बेंगलुरु में राज्य कृषि मंत्री बी. सी. पाटिल ने कहा, अच्छी बात यह है कि हवा कर्नाटक की ओर नहीं बह रही है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक हवा किसी अन्य दिशा में बहने की उम्मीद है, टिड्डी दल 99.99 प्रतिशत कर्नाटक नहीं आएगा इसलिए किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

टिड्डियों ने पांच राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के करीब 100 जिलों में फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है।अनुमान है कि अगले कुछ सप्ताह में टिड्डियों का झुंड अन्य बारह राज्यों में दस्तक दे सकता है। अधिकारियों ने बताया कि टिड्डियों के दूसरे समूह का पाकिस्तान के रास्ते भारत में मध्य जून तक दाखिल होने की गुंजाइश है, जिसके बाद क्षेत्र में इसका असर काफी बढ़ जाएगा। हरियाणा ने पड़ोसी राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों में टिड्डी दल के फसलों पर हमले के बाद सात जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। साथ ही एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक भंडार है। छिड़काव के लिए रसायन से भरे ट्रैक्टरों को भी तैनात किया गया है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद टिड्डी दल उत्तर प्रदेश के झांसी में घुस गया है जिसे 26 वर्षों में कीटों का सबसे भीषण हमला बताया जा रहा है।

पंजाब के जालंधर में टिड्डी दल के हमले से निपटने तथा इसके प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए, कृषि और किसान कल्याण विभाग ने गुरुवार को जालंधर-पठानकोट राजमार्ग पर स्थित किशनगढ़ गाँव में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। विभाग ने मॉक ड्रिल के लिए विशेषज्ञों की विभिन्न टीमों का गठन किया, जिन्होंने किसानों को हानिकारक कीट और फसल पर उनके प्रभाव से अवगत कराया। टीमों ने किसानों को जागरूक होने और जिला प्रशासन को मामले में सूचित करने के लिए कहा।

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