ट्वॉय मेकिंग में आजमाएं हाथ

लखनऊ: टेक्नोलॉजी के इस युग में भले ही आज तरह-तरह के गैजेट्स और प्ले स्टेशन जैसी चीजें मार्केट में आ गई हों, लेकिन इन सबके बीच भी सॉफ्ट ट्वॉयज का क्रेज बच्चों के बीच कम नहीं हुआ है। ऐसे में अगर आप चाहें तो इस क्षेत्र में अपना एक ग्रोइंग फ्यूचर देख सकते हैं।

आज के समय में अगर बच्चे मोबाइल से चिपके रहते हैं, तो इसमें दोष माता-पिता का भी है। अगर मोबाइल की जगह पर बच्चों को सॉप्ट ट्वॉयज खेलने के लिए दिए जाएं, तो कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। पुराने समय में भी बच्चे गुड्डे-गुडिय़ा से खेलना पसंद करते थे। उसकी जगह अब सॉफ्ट ट्वॉयज ने ले ली है। तो क्यों न इस क्षेत्र में कॅरियर की नई संभावनाएं खोजी जाएं।

सॉफ्ट ट्वॉय मेकर बनने के लिए सबसे पहले तो आपको खिलौने बनाने की कला आनी चाहिए। इसके अलावा क्रिएटिव माइंड होना भी जरूरी है, ताकि आप अपने खिलौनों को एक अलग आकार व स्वरूप दे सकें। इतना ही नहीं, आपको मार्केट के लेटेस्ट ट्रेंड की भी जानकारी होनी चाहिए ताकि आपको यह पता रहे कि किस तरह के डिजाइन ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं और उनकी कितनी डिमांड है। ऐसे में उस तरह के सॉफ्ट ट्वॉय बनाकर आप अच्छा पैसा कमा सकते हैं। अगर इस क्षेत्र में आप खुद का बिजनेस शुरू करने का मन बना रहे हैं, तो आपके भीतर मार्केटिंग स्किल्स व प्रबंधन स्किल्स भी बेहतर होने चाहिएं।

एक सॉफ्ट ट्वॉय मेकर का मुख्य काम अपने काम को कुछ अलग तरह से अंजाम देना होता है। मसलन, अगर आप चाहें तो बच्चों के पसंदीदा गैजेट्स को भी सॉफ्ट ट्वॉय का आकार दे सकते हैं। आमतौर पर, बच्चों को अपने गैजेट्स या फेवरिट कार्टून कैरेक्टर काफी पसंद होते हैं। अगर आप इसी स्वरूप के सॉफ्ट ट्वॉय बनाते हैं, तो यकीनन ब्रिकी ज्यादा होगी। एक सॉफ्ट ट्वॉय मेकर को अच्छी मार्केटिंग करना, कच्चा माल खरीदने व तैयार किए हुए सॉफ्ट ट्वॉय को सही ढंग से सप्लाई करने पर भी पर्याप्त ध्यान देना होता है।

योग्यता और मौके : इसके लिए किसी प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन की आवश्यकता नहीं होती है। सॉफ्ट ट्वॉय बनाने का हुनर सीखने के लिए आप विभिन्न संस्थानों से ट्वॉय मेङ्क्षकग कोर्स कर सकते हैं। कोर्स की अवधि एक महीने से शुरू होकर छह महीने तक की होती है। इसके अलावा इस क्षेत्र में संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। आप विभिन्न ट्वॉय मेङ्क्षकग कंपनियों में काम कर सकते हैं या फिर खुद का बिजनेस सेटअप कर सकते हैं। आप अपने घर भी ट्वॉय मेङ्क्षकग बिजनेस शुरू कर सकते हैं और अपने तैयार किए माल को विभिन्न शॉप और होलसेलर्स के पास बेच सकते हैं।

इसके अलावा आप अपनी दुकान खोलकर उसमें भी खुद तैयार किए हुए सॉफ्ट ट्वॉय कम दामों पर बेच सकते हैं। इसके साथ ही आप दूसरों को ट्वाय मेकिंग सिखाकर भी अच्छा पैसा कमा सकते हैं। इस क्षेत्र में आमदनी इस बात पर निर्भर करेगी कि आपको कितना बड़ा आर्डर मिलता है। अगर आप खुद की दुकान खोलते हैं तो टॉय के साइज के हिसाब से एक खिलौने के 200-300 रुपए से लेकर सात-आठ हजार रुपए तक चार्ज कर सकते हैं।

यहां से कोर्स

– ज्ञानेश्वरी इंस्टीट्यूट टीचिंग एंड फरफॉर्मिंग आर्ट्स, नोएडा
– इंस्टीट्यूट ऑफ ट्वॉय मेङ्क्षकग टेक्नोलॉजी, कोलकाता
– हिमांशु आर्ट इंस्टीट्यूट, विभिन्न केंद्र
– एमकेएसएसएस, पुणे

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