ठंड पर भारी पड़ी आस्था, मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रविवार को ठंड पर आस्था को भारी पड़ते देखा गया। मकर संक्रान्ति के अवसर पर शीतलहरी और कोहरे की चिन्ता को दरकिनार करते हुए लाखों श्रद्धालुओं ने नदियों में डुबकी लगाई। इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले के बीच गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम तट पर स्नानार्थियों का रेला लगा रहा। अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, गढ़मुक्तेश्वर, जौनपुर, चित्रकूट, गोरखपुर, कानपुर, बरेली, रामपुर और प्रतापगढ़ समेत राज्य के अन्य हिस्सों से नदियों में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के स्नान करने की सूचना है।

श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद पूजा-अर्चना की। दान दक्षिणा दिया। पूर्वजों को याद किया। मकर संक्रान्ति पर खासतौर पर बनने वाले पकवान ‘‘खिचड़ी’ खाई। लखनऊ में गोमती तट पर स्थित कुड़यिा घाट में खिचड़ी भोज आयोजित हुआ। अयोध्या के नया घाट पर लोगों ने जमकर खिचड़ी खायी। फरुखाबाद में गंगा तट पर ऐसा ही आयोजन हुआ। राज्य के कई अन्य हिस्सों में खिचड़ी भोज आयोजित किया गया। अयोध्या में भोर से ही सरयू तट पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा।

लाखों श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में डुबकी लगाने के बाद प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी, विवादित श्रीराम जन्मभूमि, कनक भवन और नागेश्वरनाथ समेत अन्य मन्दिरों में दर्शन-पूजन किया।इलाहाबाद में श्रद्धालुओं ने तड़के करीब तीन बजे से ही स्नान शुरू कर दिया था। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। गंगा जी में पुष्प अर्पित किए। संगम तट पर चल रहे माघ मेले में कल्पवास कर रहे श्रद्धालु त्रिवेणी स्नान के बाद रेती पर बसे अस्थायी तम्बुओं की आध्यात्मिक नगरी में अपने डेरे के बाहर स्थापित ‘‘तुलसी’ पूजन कर रहे हैं और रोपित जौ को सिंचित कर अपने डेरे में बैठकर भगवान भजन में तल्लीन हैं।

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