डीएम की सख्त हिदायत, बारिश से पहले सुनिश्चित करें बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले के करनैलगंज तहसील में बह रही घाघरा नदी में आयी बाढ़ से कटे एल्गिन-चरसड़ी तटबंध का पुनर्निर्माण का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है. पिछली बरसात में तटबंध का करीब साढ़े चार किलोमीटर हिस्सा कट जाने से तटवर्ती कई गांव बाढ़ से कुप्रभावित हुये थे. इस गांवो में बसे परिवार आज भी बाढ़ की विभीषिका का दंश झेल रहे हैं.

जिले में प्रत्येक वर्ष घाघरा और सरयू नदियों में आने वाली बाढ़ से राहत व बचाव के इंतजामों की कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक के दौरान समीक्षा कर जिलाधिकारी जे बी सिंह ने अधूरे निर्माण पर नाराजगी जाहिर कर सम्बन्धित अधिकारियों को शीघ्र तटबंध का निर्माण पूरा करने के सख्त निर्देश दिये हैं. इसके अलावा जिलाधिकारी ने बाढ़ खण्ड व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि एल्गिन-चसरड़ी बांध का लगभग सा़ढे़ चार किलोमीटर तक कटे हिस्से मेे से अब तक मात्र डेढ़ किलामीटर का ही निर्माण हो पाया है.

इसलिए बंधे के निर्माण कार्य में युद्धस्तर पर तेजी लाते हुए बरसात के पहले ज्यादा से ज्यादा कार्य पूरा करा लें ताकि बाढ़ के दरम्यान कम से कम नुकसान हो. लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ क्षेत्र की खराब व कटी हुई सड़कों को बरसात के पहले दुरूस्त करा दें जिससे बचाव व राहत कार्य आसानी से पहुंचाई जा सके. एक्सईएन बाढ़ ने जानकारी दी कि नदी के धारा का वेग कम करने के लिए सात नए बड़े व मजबूत स्पर बनाए जा रहे हैं जिससे नदी की धारा मुड़ेगी कम से कम नुकसान होगा. जिलाधिकारी ने बरसात के पूर्व ही सभी बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां सुनिश्चित कराने की हिदायत दी.

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