‘डॉक्टर’ के घर में चल रहा था जिस्मफरोशी का गंदा धंधा, पुलिस ने इस हालत में पकड़ी 4 लड़कियां

नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यह सेक्स रैकेट एक डॉक्टर के मकान में चल रहा था। एसपी हरि प्रसाथ एस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के कागजी मोहल्ला में छापेमारी कर डॉक्टर के मकान से 4 सेक्स वर्करों (लड़कियों) को पकड़ा है। इसके साथ ही पुलिस ने संचालक डॉ. उमेश कुमार सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। दरअसल संचालक डॉक्टर नहीं, कंपाउंडर है। मोहल्ले में प्रभाव जमाने के लिए उसने अपने घर के बाहर नेम प्लेट पर नाम के पहले डॉक्टर लिख रखा था।

वर्षों पहले उमेश कुमार सिंह के घर से एक अपहृत बच्चे की बरामदगी हुई थी, इसका केस भी दर्ज है। पुलिस ने मोरल ट्रैफिकिंग एक्ट के तहत संचालक के दो मंजिला मकान को सील कर दिया। उमेश कुमार वर्षों से मोहल्ले में देह व्यापार की दुकान चला रहा था। पुलिस ने मकान से सेक्स वर्धक दवाइयां, ग्राहकों के फोन नंबर की सूची समेत अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है।

मकान में पांच दरवाजे, पुलिस की भनक पाकर कई हुए फरार
सूत्रों की मानें तो ग्राहकों की सूची में कई सफेदपोश का मोबाइल नंबर है। संचालक के मकान में पांच दरवाजे थे। जिस कारण छापेमारी की भनक पाकर कई ग्राहक फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने यह कार्रवाई सदर डीएसपी नेतृत्व में की। टीम में नगर थानाध्यक्ष दीपक कुमार, महिला थानाध्यक्ष अनिता गुप्ता, डीआईयू के अधिकारी समेत अन्य कर्मी शामिल थे।

पुलिस ने मकान किया सील
सदर डीएसपी डॉ. मो. शिब्ली नोमानी ने बताया कि एसपी हरि प्रसाथ एस के आदेश पर अवैध धंधे पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। गुप्त सूचना पर सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ। मकान सील कर दिया गया है। संचालक के मकान से पूर्व में अपहृत बच्चे की बरामदगी हुई थी। जिसका केस दर्ज है।

 

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