आप भी रखते हैं ड्राइविंग लाइसेंस तो आपके लिए जरूरी है यह खबर

नई दिल्ली: अब मोदी सरकार ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ने की तैयारी में जुट गई है। इससे जाली लाइसेंस खत्म हो जाएंगे। इसके तहत एक अलग सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से सभी राज्यों को कवर किया जाएगा। यह सूचना सड़क सुरक्षा पर नियुक्त समिति ने बुधवार को जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ को दी। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज केएस राधाकृष्णन इस समिति के अध्यक्ष हैं।

बता दें कि आधार और इसका समर्थन करने वाले 2016 के कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संविधान पीठ सुनवाई कर रही है। ऐसे समय में समिति द्वारा दी गई सूचना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अपनी रिपोर्ट में समिति ने कहा कि उसने पिछले वर्ष 28 नवंबर को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव के साथ बैठक की थी। इसमें फर्जी लाइसेंस लेने और इसे खत्म करने सहित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की गई थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि फर्जी लाइसेंस के मुद्दे पर मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने सूचित किया कि एनआईसी (नेशनल इन्फार्मेशन सेंटर) अब सारथी-4 तैयार कर रहा है। इसके तहत सभी लाइसेंस आधार से जोड़ जाएंगे। यह सॉफ्टवेयर सभी राज्यों को कवर करेगा। इससे किसी के लिए देश में कहीं भी डुप्लीकेट या फर्जी लाइसेंस लेना संभव नहीं होगा। दूसरी तरफ हाल ही में यह भी खबर आ रही थी कि आधार से निजी जानकारी चोरी होने का खतरा है, लेकिन सरकार ने इस खबर को सिरे से नकार दिया है। केंद्रीय सूचना मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि आधार डेटा पर किसी तरह का खतरा नहीं है और देश की एक बड़ी जनता इस योजना पर विश्वास करती है कि यह पूरी तरह से सुरक्षित है।

आधार को गेम चेंजर बताते हुए रविशंकर ने कहा कि देश की 120 करोड़ जनता के पास आधार है और 57 करोड़ बैंक एकाउंट इससे लिंक हैं, जिससे देश में 57 हजार करोड़ की बचत हुई है। बता दें कि हाल ही में खाद्य सुरक्षा योजना के सभी लाभार्थियों के आधार सीडिंग 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूरा करने का निर्देश दिया गया था। यदि उनकी आधार सीडिंग नहीं हुई तो केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आवंटित खाद्यान्न को रोक सकती है। देश की सबसे बड़ी कंपनी एलआईसी ने भी आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है।

अब उसकी नई पॉलिसी लेने या किसी बीमा की रकम लेने के लिए आधार कार्ड देना होगा। यहां तक कि अपनी पुरानी पॉलिसी को एक्सेस करने के लिए भी आधार नंबर की जरूरत पड़ेगी। अगर पॉलिसी धारक ने अपना आधार नंबर अपडेट नहीं कर रखा है तो वह अपनी पॉलिसी को ऑनलाइन चैक नहीं कर सकता। वह पेमेंट हिस्ट्री को भी एक्सेसे नहीं कर सकता।

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