तमिलनाडु के जंगल में लगी भीषण आग, 10 ट्रैकर्स की मौत

नई दिल्ली: तमिलनाडु के थेनी जिले में कुरंगनी पहाड़ियों के जंगल में लगी भीषण आग में 10 ट्रैकर्स की मौत हो गई और 14 गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ने इस घटना की जांच का आदेश दिया है। पर्यटक स्थल थेनी जिले में आग में फंसे करीब 27 ट्रैकर्स को बचा लिया गया है। थेनी जिला कलेक्टर पल्लवी बलदेव ने बचाए गए 27 लोगों में से 10 लोगों को कोई चोट नहीं आई है। बाकी अन्य आग से झुलसे हैं। राज्य के स्वास्य सचिव जे राधाकृष्णन ने बताया कि आठ लोग गंभीर रूप से जल गए हैं जिन्हें मदुरै अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य को थेनी के सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर पहाड़ियों से आठ लोगों के शवों को निकालकर लाए जबकि एक शव को सड़क द्वारा लाया गया। पलानीस्वामी ने बताया कि वन विभाग की मंजूरी के बिना ट्रैंकिंग अभियान आयोजित किया गया था। दुर्घटना की विस्तृत जांच की जाएगी। आईएएफ हेलीकाप्टरों की सहायता से राहत अभियान रविवार से जारी है। आईएएफ कमांडो रविवार देर रात कोयंबटूर के पास स्थित सुलुर हवाईअड्डे से उड़ान भरकर पहाड़ियों पर पहुंचे। शनिवार रात थेनी जिला स्थित कुरंगनी की पहाड़ियों पर 25 महिलाओं, तीन बच्चों और आठ पुरुषों का समूह ट्रैकिंग के लिए पहुंचा था और वे इस भयावह घटना में फंस गए।

इस रोमांचकारी ट्रेकिंग का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर किया गया था। इसका आयोजन चेन्नई ट्रेकिंग क्लब द्वारा किया गया था जिसके चालीस हजार सदस्य हैं। यह क्लब अब जांच के दायरे में है।केरल में जंगली इलाकों में ट्रैकिंग पर अस्थाई रोक लगाई : तमिलनाडु के कुरांगनी पर्वतीय क्षेत्र में ट्रैकिंग अभियान में शामिल नौ लोगों की जान लेने वाली आग की घटना के मद्देनजर केरल सरकार ने आज राज्य के जंगल क्षेत्र में ट्रैकिंग अभियान पर अस्थाई रोक लगा दी। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस संबंध में फैसला किया।

वहीं, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि तमिलनाडु के एक जंगल में लगी आग में फंसे लोगों को बचाने के लिए उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों (एएलएच) को लगाया जा रहा है। तमिलनाडु के थेनी जिले के जंगल में कल लगी आग में अबतक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। आग ने वन के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। कई लोगों के जंगल में फंसे होने का अंदेशा है। मृतक ट्रैंिकग अभियान का हिस्सा थे। बचाव अभियान में दुर्गम इलाके के रोडा बनने का हवाला देते हुए निर्मला ने कहा कि हम हल्के हेलीकॉप्टर को लगा रहे हैं।

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