तीन करोड़ के मुआवजे के लिए भाइयों ने भाई को मार दिया

आजमगढ़: तीन करोड़ के मुआवजे के लिए सगे भाईयों नेे अपने ही भाई को राजस्व अभिलेखों में मृतक साबित कर दिया। खुद को असली वारिस बताकर मुआवजा हड़पने की कोशिश की तो भनक से जिलाधिकारी के यहां पहुच गया शिकायती पत्र। इसके बाद डीएम के सामने जमीन का मालिक भी उपस्थित होकर मुआवजे की मांग की। आननफानन में सीआरओ ने तत्काल मुआवजा जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी। अपर जिलाधिकारी वित्त बी के गुप्ता ने गुरूवार को बाचतीत में कहा कि तहसील लालगंज के असाऊर गांव के बरखू की जमीन को लेकर सामने आया है।

आरोप है कि बरखू के जमीन के हिस्से का सरकार की ओर से आए 3 करोड के मुआवजे को हड़पने के लिए उसके सगे भाईयों ने उसे राजस्व अभिलेखों में मृत साबित कर दिया। मामले में जिलाधिकारी के यहां आई शिकायत पर डीएम ने मामले को गंभीरत से ले मामले में प्रथम दृष्टया सरकारी मुआवजे की प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए मामले में जांच के आदेश दिए है। उन्होने कहा कि बरखू वाराणसी में रिक्शा चलाता है। साल-दो साल पर कभी कभार ही वह घर आता था। उसका परिवार भी वाराणसी में साथ रहता था। इस दौरान उसके पट्टीदारों ने राजस्व अभिलेखों में उसे मृत घोषित करा दिया। मजे की बात यह ही कि अफसरों ने बिना जांचे परखे जमीन की वरासत भी भाइयों के हक में कर दी। वो जमीन वाराणसी-लुंबिनी फोरलेन नेशनल हाईवे में आ गई।

सूत्रों की माने तो जमीन की तीन करोड़ रुपये मुआवजा तय हुआ। अभिलेखों में वारिस बने लोगों ने मुआवजे के लिए क्लेम कर दिया। अभी मुआवजा जारी नहीं हो पाया था मामले की भनक भाजपा के पूर्व सांसद दरोगा सरोज आदि तो मामले की जानकारी हो गई। उन्होंने बरखू और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। बरखू भी जिलाधिकारी के सामने पेश हुआ और जमीन को अपना बताया। मामले की जानकारी मुख्य राजस्व अधिकारी को हुई तो उन्होंने मुआवजा जारी करने की प्रक्रिया को तत्काल रोक दिया। मामले की जांच के बाद मुआवजा जारी किया जाएगा।

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