तेजी से बढ़े कोरोना के मामले, प्रवासी मजदूरों की वापसी छह राज्यों के लिए बनी मुसीबत

नई दिल्ली: लॉकडाउन की वजह से विभिन्न राज्यों में फंसे रहे प्रवासी श्रमिकों की पिछले दिनों अपने-अपने राज्यों में वापसी हुई है। इसके चलते छह राज्यों में बीते दो सप्ताह में कोरोना के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई। डाटा के अनुसार, ये छह राज्य- उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम हैं।

इन राज्यों में एक मई के बाद कोरोना वायरस के कुल मामलों में 8.2 की दर से तेजी आई है। वहीं, अन्य राज्यों में सात की दर से मरीज बढ़े हैं। इसके अलावा पिछले कुछ सप्ताह में जैसे-जैसे मजदूर अपने राज्य में वापस आने लगे, इन छह राज्यों में रोजाना सामने आने वाले कोरोना के मामले भी बढ़ गए।

पिछले तीन हफ्तों में सभी छह राज्यों में तेजी देखी गई है। इनमें से चार राज्यों – उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड में साप्ताहिक औसत नए मामले वर्तमान में उच्च स्तर पर हैं। केवल बिहार और ओडिशा वर्तमान में अपने प्रकोप के चरम पर नहीं हैं, हालांकि उन्होंने नए मामलों में भी कोई महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज नहीं की है। हालांकि, इस दौरान इन राज्यों ने रोजाना कोरोना की टेस्टिंग में भी वृद्धि की है और लगभग पूरे देश में इस अवधि में भी मामलों में बड़ी वृद्धि देखी गई है।

चार राज्य – उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा में वृद्धि की दर शुरुआत के 30 से 40 दिनों के बाद ही बढ़ी। वहीं, असम में तो स्थिति और भयावह दिखाई दी। सौ मामले होने के सिर्फ 22 दिनों के बाद ही असम में 3000 केस सामने आ चुके हैं। हालांकि, झारखंड के हालात थोड़े बेहतर हैं। राज्य में धीरे-धीरे ही कोरोना के मामले बढ़े हैं। झारखंड में सौ मामले सामने आने के 40 दिन बाद सिर्फ 1290 मामले ही सामने आए। इस दौरान अन्य राज्यों में यह संख्या दो से तीन गुना अधिक थी।

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