दरिंदे असलम ने सगी बेटी संग भी किया था दुष्कर्म!

अलीगढ़: टप्पल में मासूम की हत्या के मुख्य आरोपित असलम के खिलाफ पहले से ही थाना टप्पल में अपनी चार साल की मासूम बेटी संग वर्ष 2014 में दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज है। इस मामले में आरोपित जेल से जमानत पर छूटा तो कस्बे में ही एक महिला से छेड़छाड़ करने का मुकदमा दर्ज हुआ। फिर वह दिल्ली जा पहुंचा जहां गोकुलपुरी थाना क्षेत्र से एक बच्चे का अपहरण कर लिया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरोपित को पकड़कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था। जबकि टप्पल थाने में ही उसके खिलाफ 3 यूपी गुंडा एक्ट का मुकदमा भी दर्ज है।

टप्पल की ‘गुड़िया’ के लिए घर का हर सामान खिलौना होता था

टप्पल की ‘गुड़िया’ के लिए घर का हर सामान खिलौना होता था। पानी की बोतल के साथ खूब खेलती थी। सामान की फेंका-फेंकी में मम्मी डांटतीं तो रूठकर पापा से लिपट जाती थी। जरा सा दुलार मिलते ही सो जाती थी। ‘गुड़िया’ के बिना आज आंगन सूना है। मां मोबाइल में उसके फोटो देखकर यादों में खो जाती है। हंसमुख चेहरे वाली बेटी मां-बाप की दुलारी थी। इकलौती होने के कारण मां-बाप ही नहीं, बाबा, चाचा-चाची सबकी प्यारी थी। दस दिन पहले बेटी को खो चुकी मां शुक्रवार को घर में बेसुध थी। मीडिया के सवालों का जवाब देते समय बस यही कहतीं, मेरी बेटी को न्याय दिला दो। हत्यारों को फांसी की सजा दो।

पेन्सिल और एक रुपया लेकर घर से निकली थी

‘गुड़िया’ की मां ने बताया कि उसे नाखूनी लगाने का बड़ा शौक था। 29 मई को ही वह मेरे साथ उदयपुर गई थी। वहां भी हाथ व पैरों के नाखूनों पर नाखूनी लगाने में लग गई। बात ऐसी करती थी कि उस पर गुस्सा नहीं, प्यार आता था। डांटने पर पापा की गोद में चली जाती थी। जिद करके पापा के मोबाइल में काटरून देखती थी। घर में बिखरे बर्तनों को इकट्ठा कर धुलाई के लिए रखना, खाना खा रहे लोगों को पानी की बोतल देना, ये ऐसे काम थे, जिनसे सभी प्रभावित थे। नहाने के बाद कपड़े अपनी ही पसंद के पहनती थी। खेलने के लिए अपने घर के साथ सामने ही बाबा के मकान में जाती थी। इसके अलावा किसी और घर में नहीं जाती थी। घटना वाले दिन भी वहीं खेल रही थी। पूरे परिवार के लिए मासूम की यादें ही आज शेष हैं, जिन्हें याद कर हर कोई सिहर जाता है। बच्ची पेंसिल भी सलीके से पकड़ना सीख गई थी। अपने घर से आखिरी बार जब उसने कदम रखा तो हाथ में पेंसिल और एक रुपया था। मां ने बताया कि जो भी उसके मन में आता था, कॉपी पर लिखती रहती थी। घर से पेंसिल लेकर ही निकली थी।

एसआईटी का गठन

एसआइटी टीम का नेतृत्व एसपी देहात मणिलाल पाटीदार करेंगे। कार्रवाई का पर्यवेक्षण एसपी क्राइम डॉ. अरविन्द कुमार करेंगे। टीम में उनके साथ सीओ खैर पंकज कुमार श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर टप्पल संजय कुमार जायसवाल, महिला थाना इंस्पेक्टर सुनीता मिश्र, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार व रवींद्र कुमार दुबे शामिल रहेंगे। सहयोग के लिए फोरेंसिक टीम, एसओजी प्रभारी श्रवण कुमार, सर्विलांस प्रभारी अभय शर्मा, महिला आरक्षी ज्योति व रूबी सैनी रहेंगी। सोशल मीडिया यूजर्स ने बच्ची को न्याय दिलाने के लिए नौ जून को टप्पल पहुंचकर धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है। इसके लिए फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप के माध्यम से लगातार पोस्ट हो रही हैं। ये पोस्ट एक दर्जन से अधिक लोगों ने शेयर की है। इसे लेकर खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं।

गौरतलब है कि ढाई साल की बालिका के 30 मई को गायब हो जाने के बाद परिजन थाने पहुंचे। वहां पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। इंस्पेक्टर केपी सिंह चाहल ने लौटा दिया। अगले दिन मासूम की गुमशुदगी दर्ज हो सकी। घटना के तीन दिन बाद शव मिला था। इंस्पेक्टर उस समय भी मौके पर नहीं पहुंचे। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने थाना टप्पल के सामने बच्ची के शव को रखकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर घंटों जाम लगाया था। इस मामले में लापरवाही पर एसएसपी ने इंस्पेक्टर टप्पल केपी सिंह चाहल को लाइन हाजिर कर दिया था। इसके बाद केपी सिंह चाहल, दारोगा सत्यवीर सिंह, अर¨वद कुमार व शमीम अहमद, सिपाही राहुल यादव को निलंबित कर दिया था।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper