दिग्विजय नर्मदा यात्रा के बाद राजनीतिक यात्रा के लिए तैयार

भोपाल: कांग्रेस महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ऐतिहासिक नर्मदा यात्रा अब पूरी होने को आई है। अधिकांश लोगों का सवाल है कि यात्रा उपरांत दिग्वजय सिंह पुन: राजनीति में सक्रिय होंगे या नहीं? दरअसल उनके राजनीति में सक्रिय होने को लेकर मौजूदा भाजपा सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं।

कांग्रेस के बेजोड़ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 30 सितंबर 2017 को बरमान घाट से मॉं नर्मदा की यात्रा यह कहते हुए शुरु की थी कि वो अपनी 19 साल पुरानी मन्नत को पूरा करने निकल रहे हैं। इस यात्रा का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं रहा। धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों के आधार पर बहुत ही सालीन और पूर्ण गंभीरता के साथ दिग्विजय सिंह और उनकी पत्नी अमृता ने यह यात्रा की।

अब जबकि नर्मदा यात्रा पूर्ण होने को आई है तो सभी ओर से सवाल उठ रहे हैं कि क्या दिग्विजय सिंह पुन: राजनीति में सक्रिय होंगे? तो आपको बतला दें कि दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गांव जैत में ईएमएस से बात करते हुए कहा था कि दिग्विजय सिंह एक राजनीतिज्ञ हैं और वह राजनीति ही करेंगे।

वैसे भी दिग्विजय सिंह को सियासी गलियारे में कभी भी हलके में नहीं लिया गया और न ही आगे ऐसा किया जा सकता है। राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भूतपूर्व मुख्यमंत्री व राज्यपाल स्व. अर्जुन सिंह ने भी कहा था कि दिग्विजय सिंह को कम नहीं आंका जा सकता। दिग्विजय सिंह खुद भी उन्हें अपना राजनीतिक गुरु मानते रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय रही नर्मदा यात्रा के अंतिम पड़ाव पर चुनावी जोड़-तोड़ की बातें और उस पर दिग्विजय सिंह की मौजूदगी विशेष मायने रखती है। दिग्विजय सिंह की नर्मदा यात्रा के बाद क्या होगा, इस पर प्रदेश ही नहीं देश के दिग्गजों की नजरें टिक गई हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो राजनीति से छह माह का किनारा करने वाले दिग्विजय सिंह भले ही इस यात्रा को पूर्ण रूप से निजी, धार्मिक और आध्यात्मिक बताते हों, लेकिन इसका लाभ चुनाव के दौरान कांग्रेस को अवश्य ही मिलेगा। दिग्विजय की नर्मदा परिक्रमा सही मायने में कांग्रेस को पुन: स्थापित करने वाली साबित होगी। यही वजह है कि दिग्विजय के समर्थक और प्रशंसक मानते हैं कि नर्मदा यात्रा उपरांत निश्चित ही उन्हें पार्टी बड़ा दायित्व सौंपेगी और उसी के जरिए वो कोई बड़ा कदम उठाएंगे।

वैसे भी पार्टी के प्रति दिग्विजय सिंह की प्रतिबद्धता पर कभी कोई सवाल नहीं उठ सकते हैं। बहरहाल 3300 किमी की नर्मदा यात्रा को बिना किसी बाधा के पूर्ण कर लेना अपने आप में एक बड़ी सफलता है, इससे चुनाव के दौरान कांग्रेस को लाभ मिलना तय है। यही वजह है कि उनके विरोधियों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper