दिल्ली पब्लिक स्कूल में कुछ इस तरह मनाया गया आजादी का अमृत महोत्सव

लखनऊ: आजादी के 75 साल हमारे देश की संस्कृति एवं उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास को याद रखने के लिए भारत सरकार ने आज़ादी की अमृत महोत्सव की पहल की। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल शहीद पथ के छात्रों ने ग्रीन डी.पी.एस. क्लीन डी.पी.एस. स्लोगन के साथ इस आजादी के पर्व का प्रारम्भ किया। इस अवसर पर छात्र एवं छात्राओं ने एक वृक्षारोपण अभियान चलाया जिसके अंतर्गत उन्होंने जामुन आम, अमरुद आदि के लगभग 200 से 250 तक के ऐसे वृक्षों का आरोपण किया, जो सभी के लिए भविष्य में फायदेमंद होंगे।

आज़ादी के महोत्सव को आगे बढ़ाते हुए छात्रों ने घर- घर जाकर बड़े उत्साह से तिरंगे का वितरण किया । इस अवसर पर विद्यालय की सी.ई.ओ. स्वाति पाल ने ध्वजारोहण किया तथा सभी ने राष्ट्रगीत गाकर उन शहीदों को नमन किया। जिनके बलिदान के कारण हम आजाद हैं। श्रीमती स्वाति पाल ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए बताया कि आज हमारे देश को आज़ादी मिले 75 वर्ष हो गए हैं और हम आजादी का 76 वाँ महापर्व मना रहे हैं। यह सफर हम भारतीयों की मेहनत नवोन्मेष उद्यम का प्रतिबिम्ब है। तिरंगे रंगों के वस्त्र पहनकर छात्र एवं छात्राओं ने भारत का नक्शा बनाते हुए देश के प्रति प्रेम और श्रद्धा का किया और सभी को अखण्डता का सन्देश भी दिया। बच्चों ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

अंत में विद्यालय प्रधानाचार्या मंजू लखनपाल ने कहा कि हमें देश की अखण्डता को कायम रखना है । हम सभी को अपने लोकतन्त्र पर गर्व है। ज्ञान विज्ञानं एवं समृद्ध भारत ने चारों दिशाओं में ही नहीं बल्कि चन्द्रमा और मंगल पर भी अपनी छाप छोड़ी है। पर्यावरण से हम सब सीख ले वृक्षारोपण करें। इसी सन्देश के साथ उन्होंने कार्यक्रम का समापन किया ।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- -----------------------------------------------------------------------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper