दिल्ली में पुराने किले की खुदाई में मिला 2000 साल पुराना शहर

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पुराने किले की खुदाई में करीब 2000 साल पुरानी बस्ती के अवशेष मिले हैं। इसके अलावा मिट्टी के बर्तन, पशु की आकृतियां, सिक्के, मिट्टी के खिलौने और बर्तन समेत अन्य वस्तुएं निकल रही हैं। दिल्ली से जुड़े इतिहास को उजागर करने के लिए पुराने किले के पिछले भाग में उत्खनन कार्य जारी है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार खुदाई में मौर्यकाल से मुगलकाल तक 8 विरासतों के निर्माण एवं कलाकृतियों के साक्ष्य मिले हैं।

इस किले में लोगों को मौर्य काल (300 वर्ष ईसा पूर्व) से लेकर प्रारंभिक मुगलकाल तक के निर्माण और बस्तियों को देखने का मौका मिलेगा। खुदाई में निकली निर्माण आकृतियों और अवशेषों को संरक्षित करने के बाद यहां म्यूजियम बनाए जाने की योजना है। खुदाई के दौरान मिली बस्ती और अलग-अलग काल खंड के इतिहास की रूपरेखा को संरक्षित रखने के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग ने विशेष योजना तैयार की है।

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खुदाई के दौरान पहली सदी के मिट्टी के मृदभांड, कसोरे, पक्की लाल मिट्टी से बनी पशु आकृतियां, धातु के प्राचीन सिक्के मिले हैं। इसका कोई सटीक प्रमाण नहीं है। खुदाई में मिट्टी के मोती भी मिले हैं। वहीं मिट्टी के खिलौने, मिट्टी की मोहर के अलावा कई अन्य वस्तुएं भी बरामद हुई हैं। बस्ती के अवशेष को पहली सदी का बताया जा रहा है। यह प्राचीन इतिहास की धरोहर है। ईंटों और मिट्टी की चिनाई व अन्य वस्तुओं की परख के आधार पर इस बस्ती को पहली सदी का माना जा रहा है।

खुदाई मेें मिली निर्माण आकृतियों में सबसे ऊपर मुगल काल की निर्माण रचना दिखाई देती है। उसके बाद दिल्ली सल्तनत काल के निर्माण का इतिहास मिला है। उसके बाद राजपूत काल के भवन निर्माण दिखाई देते हैं। फिर उत्तर-गुप्त काल के राजाओं द्वारा तैयार किए गई निर्माण आकृतियां हैं। इनके आधार पर बताया कि यहां पुरानी दीवारों के ऊपर ही दीवारों का निर्माण किया गया है। इसके बाद गुप्त काल की मिट्टी की मदद से तैयार कमरों की दीवारें हैं।

पुराना किला नई दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित प्राचीन दीना-पनाह नगर यानी वर्तमान दिल्ली का किला है। शेर शाह सूरी ने इसका निर्माण अपने शासन काल (1538 से 1545) में करवाया था। किले के तीन बड़े द्वार हैं और इसकी विशाल दीवारें हैं। इसके अंदर एक मस्जिद है, जिसमें दो तलीय अष्टभुजी स्तंभ हैं।

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