दिल्ली में होगा आप और बीजेपी का मुकाबला, दोनों तरफ से हो रही तैयार सेनाएं

दिल्ली ब्यूरो: आगामी लोकसभा चुनाव साल भर बाद होने हैं लेकिन दिल्ली में लोकसभा की 7 सीटों को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। बता दें कि 2014 के चुनाव में दिल्ली की सातों सीटें बीजेपी के पास गयी थी। मोदी लहर में बीजेपी के सामने किसी की कुछ नहीं चली। यह मोदी लहर ही थी कि उदित राज जैसे लोग भी बीजेपी की टिकट से लड़े और सांसद बन गए। किस्मत तो आप वालों की फूटी। सभी सीटों पर वह चुनाव तो हार गयी लेकिन हर जगह दूसरे पायदान पर रही।

आप नेताओं की समझ बन रही है कि आगामी लोकसभा चुनाव में उसे लाभ होगा और कम से कम चार सीटें वह जीती पाएगी। आप के एक नेता बताते हैं कि दिल्ली में लोकसभा सीट जितना पार्टी के लिए जरुरी है। इसके लिए पार्टी की तैयारी भी शुरू हो गयी है। पार्टी ने कुछ नेताओं का चयन भी किया है और कई लोगों को बता भी दिया गया है कि वे अपने इलाके में जाकर काम करना शुरू करे।खबर के मुताविक आशुतोष और आशीष खेतान भी लोक सभा चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही राखी बिड़लान भी चुनाव लड़ेगी और स्वाति मालीवाल को भी मैदान में उतारा जाएगा।

दिलीप वाजपई ,राघव चढ्ढा भी अपनी उम्मीदवारी चाह रहे हैं और कहा जा रहा है कि अरविन्द केजरीवाल भी यह मान गए हैं कि इन्हें मौक़ा दिया जायगा। पूर्वी दिल्ली की सीट से मनीष सिसोदिया चाहते हैं कि आतिशी मारलेना चुनाव लड़ें, लेकिन संजय सिंह और पूर्व दिल्ली के ज्यादातर विधायक किसी स्थानीय विधायक को टिकट देने के पक्ष में हैं। केजरीवाल फिलहाल आतिशी के पक्ष में ही बताए जाते हैं। माना जा रहा है कि दक्षिण दिल्ली की सीट से सौरभ भरद्वाज को मैदान में उतारा जा सकता है। स्वाति मालीवाल भी दक्षिण दिल्ली ही चाहती है। दोनों में से एक को टिकट मिलेगा। उत्तर पश्चिम दिल्ली से राखी बिड़लान चुनाव लड़ेगी।

बीजेपी भी अपनी तैयारी कर रही है। लेकिन जो जानकारी मिल रही है उसके मुताविक बीजेपी अपने 2 पुराने सांसदों को ही टिकट देने की इस्थिति में है। खबर के मुताविक बीजेपी के 5 वर्तमान सांसदों को टिकट नहीं मिलेगा। मनोज तिवारी और प्रवेश वर्मा का टिकट मिलना तय माना जा रहा है जबकि 5 अन्य सीटों पर नए उम्मीदवार खड़े किये जाएंगे। अभी दिल्ली प्रदेश में भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद हैं। पार्टी हाईकमान मनोज तिवारी के काम से खुश है और उनका टिकट पक्का है। पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा को भी दोबारा चुनाव लड़ाया जाएगा। इन दोनों नेताओं को यह साफ कह दिया गया है। बाकी पांच सीटों पर सस्पेंस बरकरार है।

हाल में संघ के कुछ पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट दी था कि एक दो सांसदों को छोड़ दें तो पांच सांसद किसी भी सूरत में चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए अभी से उन सीटों पर नए उम्मीदवारों की तलाश शुरू होनी चाहिए। भाजपा सांसदों को डर सता रहा है कि कहीं उनका टिकट न कट जाए, इसलिए हर सांसद अपने करीबी बड़े नेता के घर ज्यादा हाजिरी लगा रहा है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper