दिशा रवि को जमानत मिली, कोर्ट ने कहा, ‘असहमति का मतलब जेल नहीं हो सकता’

नई दिल्ली: टूलकिट केस में गिरफ्तार पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को पटियाला हाउस कोर्ट से एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिली है। पुलिस ने दिशा की 4 दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी।

पटियाला हाउस कोर्ट बोलने और अभिव्‍यक्ति की आजादी और देश में असहमत होने के अधिकार के कहा, ‘रिकॉर्ड में कम और अधूरे सबूतों को ध्यान में रखते हुए 22 वर्षीय लड़की, जिसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, के लिए जमानत के नियम को तोड़ने के लिए कोई भी ठोस कारण नहीं मिल रहा है।’ टूलकिट मामले में कोर्ट ने कहा कि नागरिक सरकार की अंतरात्मा जगाने वाले होते हैं। उन्हें केवल इसलिए जेल नहीं भेजा जा सकता क्योंकि वे सरकार की नीतियों से असहमत हैं। यहां तक कि हमारे पूर्वजों ने भी बोलने की आजादी और अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को मौलिक अधिकार के रूप में मान्‍यता दी है।

दिल्‍ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा, ‘दिशा रवि और प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के बीच प्रत्यक्ष तौर पर कोई संबंध स्थापित नजर नहीं आता है। प्रत्यक्ष तौर पर ऐसा कुछ भी नजर नहीं आता जो इस बारे में संकेत दे कि दिशा रवि ने किसी अलगाववादी विचार का समर्थन किया है।’ कोर्ट ने कहा, ‘एक व्हाट्सएप ग्रुप का निर्माण या एक हानिरहित टूलकिट का संपादक होना कोई अपराध नहीं है। जांच एजेंसी को अनुकूल पूर्वानुमानों के आधार पर नागरिक की स्वतंत्रता को और प्रतिबंधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।’

दिशा रवि को दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ की एक टीम बेंगलुरु से गिरफ्तार कर दिल्ली लाई है।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने रवि को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत भरने पर यह राहत दी।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper