दुनिया की सबसे खतरनाक महिला जो नहाती थी कुंवारी लड़कियों के खून से, वजह जानेंगे तो चौक जाएंगे

लखनऊ: दुनिया में आए दिन कुछ न कुछ ऐसा सुनने और देखने को मिल जाता है जो कि काफी हैरान करने वाला होता है आज हम आपके लिए एक ऐसा ही किस्सा लेकर आए हैं जिसे सुनकर एक बार भी तो आपको यकीन ही ना हो और आपके रोंगटे खड़े हो जाएं, यह सच है और इतिहास के पन्नों से सामने आया वह सच है जो कि काफी भयानक है.

आज हम आपको करीब 400 साल पुरानी एक ऐसी खौफनाक सच्चाई के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके सुनकर लोगों की रुह कांप जाती है। जिस ऐतिहासिक घटना को हम आपसे साझा कर रहे हैं वह सुनकर एक बार तो आप दंग रह जाएंगे यह कहानी एक सीरियल किलर की है. सीरियल किलर का नाम एलिजाबेथ बाथरी था। सीरियल किलर एलिजाबेथ बाथरी की। बाथरी की दहशत आज भी किसी के अंदर सिहरन पैदा कर सकती है। जानकारी के मुताबिक, हंगरी साम्राज्य की एलिजाबेथ बाथरी ने 1585 से 1610 के बीच अपने महल में करीब 600 से ज्‍यादा लड़कियों को दुनिया छोड़ देने वाली शारीरिक पीड़ा को दिया गया.

जानकर हैरानी होगी कि एलिजाबेथ का सोचना यह था कि वह अगर कुंवारी लड़कियों के खून से नहाएगी तो जिंदगीभर जवान रहेगी और खूबसूरत बनी रहेगी। वह इस लालच में इस कदर अंधी हो चुकी थी कि पहले लड़कियों के साथ हैवानियत करती थी। बाद में उन्हें उनके खून से नहाती थी। दरअसल एलिजाबेथ बाथरी ने यह सब किसी के कहने पर किया, एलिजाबेथ को किसी ने कहा कि अगर वह ताउम्र जवान रहना चाहती है तो जवान लड़कियों के खून से नहाए, यह तरीका एलिजाबेथ को इतना भाग गया कि वह एक हैवान बन गई और एक के बाद एक कई लोगों को अपने लिए उसने खत्म कर दिया,

उसकी दरिंदगी की हद हो गई थी कहां जाता है कि वह मरी हुई लड़कियों के शरीर इस काम में एलिजाबेथ बाथरी के साथ उसके 3 नौकर भी शामिल थे, एलिजाबेथ के बारे में प्राप्त जानकारी में पता चलता है कि वह हंगरी राजघराने से ताल्लुक रखती थी जब हंगरी के राजा को इस बारे में पता चला तो उन्होंने इस मामले की जांच कराई, जांच पड़ताल में सामने आया कि एलिजाबेथ इस कुकर्म को किस प्रकार अंजाम दिया करती थी, जांच में एलिजाबेथ के महल में से कई लड़कियों के कंकाल मिले.

एलिज़ाबेथ आस-पास के गांव की गरीब लड़कियों को महल में काम करने के बहाने और ज्यादा पैसे देने के लालच में बुलाया करती थी, इसके बाद जब वह महल में आती तो वह एलिजाबेथ के गलत इरादे का शिकार हो जाती थी, कहां यहां तक जाता है कि जब गांव में लड़कियों की कमी कम हो गई तब एलिजाबेथ ने अमीर घरों की लड़कियों को भी अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया.अपने इस जिन्होंने और हैवानियत अपने काम के लिए एलिजाबेथ को राजा ने फांसी की सजा तो नहीं दी परंतु महल के एक कमरे में उसे कैद कर दिया और 4 साल बाद 1610 में एलिजाबेथ ने दम तोड़ दिया.

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