दुर्लभ हनुमान मंदिर: यहां नृत्य कर रहे हैं हनुमान, भोग में पान लगता है

झांसी। भारत विविधताओं का देश है। अभी तक आपने कई मंदिरों के बारे में सुने व देखे होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में सुनकर न केवल हैरान रह जायेंगे बल्कि दर्शन के लिए आतुर हो उठेंगे। जी हां आपने मंदिरों में हनुमान जी को अक्‍सर हाथों में गदा लिए हुए देखा होगा, लेकिन झांसी में एक ऐसा मंदिर है, जहां वो नाचते हुए नजर आते हैं।

यहां की मूर्ति में उनका एक हाथ सिर पर है और दूसरा कमर पर। मान्‍यता है कि नाचते हुए हनुमान जी की प्रतिमा को वस्‍त्र नहीं पहनाए जाते, लेकिन यहां उन्‍होंने कपड़े पहन रखे हैं।

झांसी में स्थित ये हनुमान मंदिर के नाम से नहीं बल्कि माधवबेड़ि‍या सरकार के नाम से मशहूर है। मंदिर के पुजारी अनूप पाठक बताते हैं कि ये सैकड़ों साल पुराना मंदिर है। इस बात का कोई लिखित प्रमाण तो नहीं है, लेकिन इस जगह और मंदिर को इसी नाम से जाना जाता है। मंदिर के बाहर दो दरबान भी रखवाए गए हैं ताकि वो नृत्‍य मुद्रा में लीन हनुमाज जी की रक्षा कर सकें।

हनुमान जी की नृत्य करती हुई प्रतिमा करीब 5 फीट ऊंची है। उनके चेहरे पर काफी मुस्‍कुराहट दिखाई देती है। पुजारी कहते हैं कि इस मंदिर में उनको सिर्फ पान और मेवा ही चढ़ाया जाता है। इसके अलावा किसी अन्‍य चीज का प्रसाद भक्‍त नहीं चढ़ाते हैं। सामान्‍य तौर पर अन्‍य मंदिरों में बूंदी के लड्डू चढ़ाए जाते हैं।

वो कहते हैं कि रावण का वध करने के बाद भगवान राम अयोध्या लौटे थे। यहां लौटने के बाद भगवान राम का राजतिलक किया जा रहा था। इस दौरान हनुमान जी बेहद खुश थे। इस खुशी को जाहिर करने के लिए उन्‍होंने अपनी गदा छोड़ दी और नाचने लगे। झांसी में स्थित ये प्रतिमा इसी खुशी और रूप को प्रदर्शित करती है। भगवान की ये मूर्ति बेहद दुर्लभ है। सैकड़ों साल पुराने इस मंदिर में हमेशा भक्तों की भीड़ लगी रहती है। मान्‍यता है कि यहां आकर सच्‍चे मन से भक्‍तों द्वारा मांगी गई सभी मुरादें पूरी होती हैं।

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