दुष्कर्म के आरोपी विधायक को दिल्ली लाया जाएगा

लखनऊ: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम उन्नाव दुष्कर्म मामले के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली लाएगी और सोमवार को तीस हजारी अदालत में पेश करेगी। सीबीआई की टीम सेंगर को दिल्ली लाने के लिए सीतापुर जेल पहुंच गई है। सेंगर को सड़क मार्ग से दिल्ली लाया जाएगा।

सेंगर को भाजपा से निष्कासित किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह उन्नाव दुष्कर्म मामले से संबंधित सभी मुकदमों को दिल्ली स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। सीबीआई ने शनिवार को इस मामले में सेंगर से पूछताछ की थी और रविवार को उसने विधायक के 17 ठिकानों पर तलाशी ली थी। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने सेंगर से जेल में मिलने वाले लोगों के आंकड़े भी जुटाए हैं।

उधर सूत्रों से खबर यह भी आ रही है कि पार्टी से निष्कासित भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल में 14 महीने कैद में रहने के दौरान उनसे 10,000 से अधिक लोग मिलने के लिए आए। इनमें भाजपा सांसद साक्षी महाराज और अन्य सांसद व विधायक भी शामिल हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के सूत्रों के अनुसार, विधायक से हर दिन करीब 20 से 25 लोग मिलने आते हैं। इनमें से कुछ को सीधे विधायक से मिलने दिया गया, जबकि कई लोगों के नाम जेल के रिकॉर्ड में दर्ज किए गए।

सीबीआई ने जेल के अधिकारियों से विधायक से मिलने आने वालों का रिकॉर्ड मांगा है, जिससे अधिकारी असमंजस में हैं। सेंगर को मई 2018 में सीतापुर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था, तब से ही विधायक से मिलने आने वालों का तांता लगा रहता है। एक जेल अधिकारी ने कहा, “सांसद, विधायक, अधिकारी, पूर्व विधायक और यहां तक कि विपक्षी दलों के विधायक भी नियमित रूप से उनसे मिलने आते हैं। हम उस स्थिति में नहीं थे कि उनमें से किसी को सेंगर से मिलने से रोक सकें।” अधिकारी ने आगे कहा, “इसके अलावा उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग भी सेंगर से मिलने आते रहते हैं। “

भाजपा सांसद साक्षी महाराज उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद सीतापुर जेल में कुलदीप सिंह सेंगर से मुलाकात की थी। बीते सप्ताह सोशल मीडिया पर दो वीडियो क्लिप वायरल हुए थे, जिसमें जेल के दो गार्ड लोगों से यह कहते हुए नजर आ रहे थे कि वे सेंगर से तब तक न मिलें जब तक विवाद खत्म न हो जाए। जेल के गार्ड महेंद्र यादव और सत्य प्रकाश वर्मा को फतेहगढ़ और मउ जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। उनके खिलाफ एक विभागीय जांच भी की जा रही है। इस मामले पर जेल के अधीक्षक डी. सी मिश्रा ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है।

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