देवरिया जेल में कैदी मोबाइल के सहारे चला रहे हैं सुगमता से साम्राज्य

देवरिया: जिला कारागार में अपराधी धड़ल्ले से मोबाइल का प्रयोग कर रहे है। मोबाइल के सहारे वह अपने सम्राज्य को सुगमता से चला रहे हैं। पिछले वर्ष इन अपराधियों का जेल से रंगदारी मांगने का भी मामला प्रकाश में आया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने फरवरी माह में चार दिन गहन चेकिंग कराई। जेल से लगभग चार दर्जन मोबाइल अलग अलग तिथियों में बरामद हुए थे। जेल अधिकारियों ने इन बरामद मोबाइल को जला दिया था। इसमें अधिकांश आईफोन के मोबाइल थे।

जिला कारागार के अपराधी स्मार्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं और वह अपने घर और गिरोह के सदस्यों से बात कर अपने ‘‘कारोबार’ चला रहे हैं। इसका प्रमाण जनवरी माह में सामने आया था। जिला कारागार में बंद मुलायम यादव ने जिला कारागार से ही 30 और 31 दिसम्बर को सुल्तानपुर फोन कर अनूप शुक्ला से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। जेल प्रशासन ने कारागार में बंदियों के मोबाइल के प्रयोग को रोकने के लिए जैमर लगवाया है। जैमर केवल री जी और टू जी मोबाइल को ही जाम कर पा रहा है।

जैमर लगने के बाद मोबाइल का उपयोग जेल में और बढ़ गया है। फोर जी सीम और स्मार्ट फोन का उपयोग अपराधी कर रहे हैं। इस पर जेल प्रशासन ने फरवरी माह में जेल में तलाशी अभियान तेज करा दी। सूत्रों की माने तो टीम ने 3,5,7 और 9 फरवरी को तलाशी लिया। इसमें 7,9,12 और 15 मोबाइल बंदियों के पास बंदी रक्षकों को मिले। इतने बड़े पैमाने पर मोबाइल बरामदगी के बाद से जेल प्रशासन के हाथ पाव फूल गए। अधिकारियों ने सभी मोबाइल को परिसर में आग में जला दिया। इसके साथ ही जेल अधीक्षक ने जेल में सभी की तलाशी अनिवार्य कर दिया है।

जेल के अंदर इतने बड़े पैमाने पर मोबाइल फोन की बरामदगी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं इस सम्बंध में जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि जिला कारागार में पिछले कुछ दिनों से संघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जेल में नियमों के अनुसार ही सुविधा मिलेगी। मोबाइल बरामद के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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