देश की ‘गंगा-जमुनी’ संस्कृति को मिटाने के घृणित प्रयास किए जा रहे हैं : सोनिया गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नफरत और पूर्वाग्रह में बंधी विभाजनकारी विचारधाराएं एक मजबूत भारत बनाने के लिए पार्टी नेताओं द्वारा रखी नींव को कमजोर करने की हरसंभव कोशिशें कर रही हैं। पार्टी के 137वें स्थापना दिवस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिए एक संदेश में गांधी ने कहा, ‘इतिहास को झूठा बनाया जा रहा है और देश की ‘गंगा-जमुनी’ संस्कृति को मिटाने के घृणित प्रयास किए जा रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस मूक दर्शक नहीं रहेगी और किसी को भी देश की समृद्धि एवं विरासत को मिटाने नहीं देगी। उन्होंने कहा, ‘नफरत और पूर्वाग्रह में बंधी विभाजनकारी विचारधाराएं और जिसकी हमारे स्वतंत्रता आंदोलन में कोई भूमिका नहीं रही, वे विचारधाराएं अब हमारे समाज के धर्मनिरपेक्ष ताने बाने पर कहर बरपा रही हैं।’

सोनिया गांधी की यह टिप्पणियां तब आयी है, जब हिंदू धर्मगुरुओं के एक वर्ग ने महात्मा गांधी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे की प्रशंसा की है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘वे अपने आप को एक भूमिका देने के लिए इतिहास को फिर से लिख रहे हैं, जिसके वे हकदार नहीं हैं। वे भावनाओं को भड़काते हैं, डर पैदा करते हैं और शत्रुता फैलाते हैं। हमारे संसदीय लोकतंत्र की बेहतरीन परंपराओं को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हमारे दृढ़ संकल्प पर कोई संशय न रहे। हमने अपने मूलभूत विश्वासों को लेकर कभी समझौता नहीं किया और न कभी करेंगे, जो हमारी गौरवशाली विरासत का हिस्सा हैं।’

गांधी ने कहा, ‘चुनावी उतार-चढ़ाव आते जाते रहते हैं लेकिन जो हमेशा साथ रहता है, वह हमारे विविध समाज के सभी लोगों की सेवा करने की हमारी प्रतिबद्धता है।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी इन ‘जन विरोधी षड्यंत्रों’ का सामना करने के लिए हर संभव बलिदान देगी।

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