नए कृषि कानूनों के विरोध में मेरठ के किसान ने उजाड़ी अपनी फसल

मेरठ: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान अब अपनी ही फसलों को उजाड़ने लगे हैं। बिजनौर के बाद मंगलवार को मेरठ के रोहटा गांव के एक किसान ने अपनी 12 बीघा गेहूं की फसल को ट्रैक्टर से जोत डाला। किसान का कहना था कि उन्हें उनकी फसल की उचित कीमत नहीं मिल रही है। ऐसे में उसने अपनी फसल खुद उजाड़ दी है। इसके साथ ही वहां मौजूद किसानों ने गांव में भाजपा के किसी जनप्रतिनिधि को घुसने नहीं देने का ऐलान भी किया है।

रोहटा गांव के रहने वाले राजीव ने मंगलवार को अपनी 12 बीघा गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद दर्जनों ग्रामीणों ने भाजपा विरोधी नारे लगाते हुए जमकर हंगामा किया। किसानों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार तानाशाही चला रही है। वे किसी भी कीमत पर अपना अनाज अडानी और अंबानी के गोदामों में नहीं जाने देंगे। इसके लिए चाहे उन्हें अपनी फसल बर्बाद ही क्यों न करनी पड़े।

किसानों ने सवाल किया कि जब हर पांच साल में सरकारी कर्मचारी का वेतन बढ़ता है, तो आखिर किसानों की फसल के दाम क्यों नहीं बढ़ाए जाते? किसान राजीव, सुरजीत और संदीप सहित कई किसानों ने सरकार की नीतियों पर रोष जताया। अपना खेत उजाड़ने वाले बृजपाल का कहना था कि फसल की उचित कीमत न मिलने के कारण उसने अपनी फसल उजाड़ कर खेत को खाली रखने का निर्णय लिया है। इसी के साथ वहां मौजूद गांववालों ने किसी भी भाजपा नेता को गांव में दाखिल न होने देने का ऐलान किया है। बता दें, कुछ दिन पहले बिजनौर के एक किसान ने भी अपने 6 बीघा गेहूं की फसल उजाड़ दी थी।

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