नए खिलाड़ियों के लिए मणिपुर में खेल विश्वविद्यालय

दिल्ली ब्यूरो: लोकसभा ने शुक्रवार को जैसे ही नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (एनएसयू) बिल- 2018 को मंज़ूरी दी, मणिपुर में देश का पहला खेल विश्वविद्यालय खोलने का रास्ता साफ हो गया। ख़बरों के मुताबिक एनएसयू विधेयक को सदन ने ध्वनि मत से मंज़ूरी दी। यह विधेयक इसी साल 31 मई कोई जारी अध्यादेश की जगह ले रहा है।

एनएसयू स्थापना की प्रक्रिया शुरू करने के लिए यह अध्यादेश जारी किया गया था। विधेयक पारित किए जाने से पहले सदन में बहस के दौरान तमाम सदस्यों ने खेल को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की ज़रूरत पर बल दिया. कुछ सदस्यों ने एनएसयू को पूरी तरह स्वायत्तता देने की ज़रूरत भी बताई। फिलहाल इस संस्थान पर केंद्र सरकार का नियंत्रण रहने का प्रावधान है।

बहस का ज़वाब देते हुए केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि मणिपुर में एनएसयू की स्थापना पर 524 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके ज़रिए खेल प्रशिक्षण और शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। एनएसयू का कुलपति किसी खिलाड़ी को ही बनाया जाएगा। साथ ही इसमें पढ़ाने और प्रशिक्षण देने वाले अध्यापक-प्रशिक्षक भी खेल के क्षेत्र से ही होंगे। इस विश्वविद्यालय के देशभर में ‘दूरस्थ परिसर’ खोले जाएंगे जो एनएसयू के उद्देश्य को हासिल करने में मददग़ार होंगे।

राठौड़ ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने अगस्त 2017 में एनएसयू की स्थापना के संबंध में लोक सभा में विधेयक पेश किया था ,लेकिन उस दौरान और उसके बाद भी वह पारित नहीं हो सका। इसीलिए सरकार को अध्यादेश जारी कर इसकी स्थापना की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। अपनी तरह के देश के इस पहले संस्थान में खेल विज्ञान, खेल तकनीक, खेल प्रबंधन और खेल प्रशिक्षण जैसे विषयों पर अध्ययन-अध्यापन और शोध आदि किया जाएगा। साथ ही चुने हुए खेलों के राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र के तौर पर भी यह संस्थान काम करेगा।

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