नये साल पर केजीएमयू की बर्न यूनिट में मिलेगा उपचार

लखनऊ: किंग जार्ज चिकित्सा विविद्यालय (केजीएमयू) के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के तहत गम्भीर रूप से जले (बर्न) मरीजों को समुचित उपचार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की रानी लक्ष्मी बाई सम्मान कोष से प्राप्त वित्तीय सहयोग से बने बर्न यूनिट का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। बर्न यूनिट के निर्माण के लिए लक्ष्मीबाई सम्मान कोष से लगभग 9 करोड़ एवं एनटीपीसी के कारपोरेट सोशल रिस्पान्सिबेलटी (सीएसआर) कोष से 11.28 करोड़ रुपये के रूप की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए अनुबन्ध किया गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बर्न यूनिट के लिए शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों का सृजन कर दिया गया है। मानव श्रम शक्ति की व्यवस्था के बाद शीघ्र ही संचालन प्रारम्भ कर दिया जायेगा। माना जा रहा है कि यूनिट अब नये साल में शुरू होगी। इसके अलावा केजीएमयू प्रशासन ने अपनी वर्ष 2019 की उपलब्धियों को गिनाया है। इनमें प्रमुख रूप से नवजात शिशुओं को दुग्धपान कराने में अक्षम महिलाओं के नवजात शिशुओं को मातृ दुग्ध की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के लिए तथा मानव दुग्ध के संग्रहण के लिए राष्ट्रीय स्वास्य मिशन के वित्तीय सहयोग तथा पाथ फाउन्डेशन के तकनीकी सहयोग से धात्री अमृत कलश (ह्यूमन मिल्क बैंक) का संचालन प्रारम्भ किया गया। मिल्क बैंक के अन्तर्गत अभी तक 274 माताओं द्वारा स्वैच्छिक दुग्धदान किया। जिसके परिणामवरूप 83 लीटर दुग्ध का संग्रहण किया जा चुका है, जिससे कि 3000 से अधिक शिशुओं को दुग्ध उपलब्ध कराया गया है।

इसके अलावा मरीजों के तीमारदारों के समुचित ठहराव के लिए शताब्दी फेस-1 में पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन के वित्तीय सहयोग के 220 क्षमता के पावर ग्रिड विश्राम सदन रैन बसेरा का निर्माण किया गया है। जिसके दो अतिरिक्त तलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐसे में तीमारदारों को रैन बसेरे का लाभ लेने के लिए प्रतिक्षा करनी पड़ रही है। दूसरी तरफ केजीएमयू के अंग प्रत्यारोपण विभाग द्वारा मैक्स अस्पताल, नई दिल्ली की टीम के सहयोग से 9 लीवर प्रत्यारोपण किए गए है जिसमें से 2 लीवर प्रत्यारोपण कैडेवर से प्राप्त लीवर द्वारा सम्पादित हुआ है। केजीएमयू इसे विविद्यालय की इतिहासिक उपलब्धि मान रहा है। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में टेलीमेडिसिन सेंटर का संचालन प्रारम्भ हुआ है, इससे प्रदेश के सात जिलों में सिद्धार्थनगर, बस्ती, देवरिया, संतकबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, गोरखपुर तथा जिला कारागार, लखनऊ में द्वारा उक्त टेलीमेडिसिन के माध्यम से प्रत्येक दिवस परामर्श प्राप्त कर रहे है।

चिकित्सा विष्वविद्यालय में भारत सरकार की योजना के अन्तर्गत टेलीमेडिसिन सुविधा के द्वारा ई-संजीवनी सुविधा का संचालन 10 दिसम्बर से प्रारम्भ हुआ है। इस सुविधा के अन्तर्गत लखनऊ जिले के प्राथमिक स्वास्य केन्द्र, वरवांकलां, त्रिवेणी नगर, आईआईएम रोड, सेवा सदन सम्बद्व हैं। ई-संजीवनी के अन्तर्गत प्रत्येक दिवस विविद्यालय के मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, पीडियाट्रिक तथा आर्थोपैडिक विभाग के चिकित्सकों को रोस्टरनुसार तैनात किया जाता है। अभी तक ई-संजीवनी के माध्यम से 200 से अधिक मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। इसके अतिरक्ति केजीएमयू में सुपर स्पेशियलिटी स्पाइन सेंटर की स्थापना के तहत पीडियाट्रिक्स आर्थोपेडिक विभाग, स्पोट्स मेडिसिन विभाग, स्पाइन सेंटर तथा आर्थोप्लास्टी यूनिट की स्थापना के लिए शासन द्वारा स्वीकृति दी गयी है। चिकित्सा विष्वविद्यालय में उत्कृष्ट शिक्षण एवं प्रशिक्षण के लिए संचालित कुल 19 फैलोशिप/साटिफिकेट प्रशिक्षणों में 13 नए पीडीसीसी प्रशिक्षण संचालित हुए हैं। इसके अतिरिक्त ट्रामा सेन्टर में हंस फाउन्डेशन के वित्तीय सहयोग से संचालित केजीएमयू कम्यूनिट आई बैंक के अन्तर्गत वर्ष 2019 मे 759 कार्निया प्रत्यारोपण तथा 1405 कार्निया रिट्रीवल किया गया।

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