नवाबों के शहर में गुजरात की झलक

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों गुजरात की झलक नजर आ रही है। ये नजारा देखना हो तो शहीद पथ के निकट स्थित अवध शिल्प ग्राम में चल रहे लखनऊ महोत्सव में आयी। यहां इस बार खास-तौर पर गुजरात की थीम पर कई स्टाल सजाए गए हैं, गुजरात का घागरा चुन्नी, ढोकला, बाटी चूरमा लोगों को खूब भा रहा है। इसके अलावा राजस्थान की हस्तशिल्प कला के साथ ही पहाड़ों की दुर्लभ जटी- बूटियां से मोटापा, उक्त रक्तचाप, मधुमेह जैसे गंभीर रोगों के इलाज के लिए उपलब्ध है।

मेला में गुजरात का घागरा- चुन्नी महिलाओं को खूब भा रही है। पीले व लाल रंग के कपड़ों पर आकर्षक सितारे व कांच के टुकडे की कढाई वाले ये घागरा चुन्नी गुजरात में तैयार किये जाते हैं और इनकी बिक्री देश के विभिन्न प्रान्तों में लगने वाली प्रदर्शनी के माध्यम से की जाती है। इसकी कीमत भी Rs 500 से शुरू होकर 2500 तक रखी गयी है जो कि हर किसी की पहुंच में हैं। इंदौर व जयपुर के चमड़े के घोड़े- महोत्सव में राजाओं के शासन काल के आकर्षक घोड़े भी लोगों को खूब भा रहे हैं।

इंदौर व जयपुर के स्टाल में खास चमड़े के बने घोड़े व अन्य जानवरों की मूर्तियां लोगों को खूब आकर्षित कर रही हैं। स्टाल संचालक सुशील ने बताया कि वे पिछले करीब पांच साल से लखनऊ महोत्सव में स्टाल लेकर आते हैं। महोत्सव में राजस्थान के लकड़ी के रंग-बिरंगी खिलौने व झालरों की भी खूब धूम है। ये खिलौने राजस्थान के गांवों में रहने वाली घरेलू महिलाओं द्वारा समूह बनाकर तैयार किये जाते हैं, इसके बाद इन खिलौनों की बिक्री मेले व साप्ताहिक बाजारों में की जाती है।

इससे राजस्थान की इस हस्तकला का देश ही नहीं विदेशों तक में प्रचार हो रहा है और महिलाएं का आर्थिक विकास भी हो रहा है, जिससे इन महिलाओं के बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ भी रहे हैं।

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