निजीकरण के विरोध में दो दिनों की बैंक हड़ताल, लगातार 4 दिनों तक बंद रहेंगे बैंक

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बजट में दो और सरकारी बैंकों के निजीकरण का ऐलान किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इस बात की घोषणा की जल्द ही दो और सरकारी बैंकों का निजीकरण करेगी। बैंकों के निजीकरण के ऐलान क बाद अब बैंक यूनियंस की नाराजगी सामने आ रही है। बैंक यूनियंस ने सरकारी बैंकों के निजीकरण के खिलाफ हड़ताल का ऐलान किया है। बैंक यूनियन ने मार्च में दो दिवसीय बंद का आवाहन किया है। बैंकों की इस दो दिनों की हड़ताल के साथ लगतार 4 दिनों तक बैंक बंद रहेंगे।

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयज एसोसएिशन ने बैंकों के निजीकरण के विरोध में नराजगी जताते हुए दो दिनों की हड़ताल क आवहन किया है। एआईबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम न कह कि यूएफबीयू की मंगलवार को हुई बैठक में बैंकों की हड़ताल का फैसला किया गय है। इस हड़ताल में बैंक कर्मचारियों के नौ संगठन शामिल होंगे।

बैंक कर्मचारी संगठनों ने सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में मार्च में दो दिवसीय बैंक के हड़ताल का आवाहन किया है। 15 और 16 मार्च को बैंकों की हड़ताल बुलाई गई है। अगर बैंकों की ये हड़ताल हुई तो यूएफबीयू के सदस्य बैंक इसमें शामिल होंगे। दरअसल यूएफबीयू में 9 कर्मचारी यूनियन शामिल हैं, जिसमें ऑल इंडिया एंप्लाईज एसोसिशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडेरेशन, नेशनल कंफेडरेशन ऑफ बैंक एंप्लाईज, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिशन, बैंक एंप्लाईज कंफेडरेशन ऑफ इंडिया समेत 9 यूनियन शामिल हैं।

अगर बैंकों की ये हड़ताल होती है तो बैंक लगातार 4 दिन तक बंद रहेंगे। ऐसा इसलिए, क्योंकि 13 मार्च को महीने का दूसरा शनिवार है और बैंकों की छुट्टी होगी। वहीं 14 मार्च को रविवार के कारण बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा 15 मर्च और 16 मार्च को बैंक कर्मचारियों के नौ संगठनों के शीर्ष निकाय UFBU ने इस हड़ताल का आवाहन किया है। यानी अगल ये हड़ताल हुए तो 13 मार्च से लेकर 16 मार्च कर बैंकों में कामकाज ठप रहेंगे।

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