निजी कंपनी के कर्मचारियों की भी शिकायत दर्ज करेगा श्रम विभाग: स्वामी प्रसाद

लखनऊ ब्यूरो। प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि तमाम निजी कंपनियां जो ठेके पर लोगों को भर्ती करती हैं और वेतन के नाम पर जो वादा करती हैं, उसे पूरा नहीं करती उस पर नजर रखने के लिए उनका विभाग एक पोर्टल तैयार करने जा रहा है। बाद में इसको लेकर एक नया कानून भी बनाया जाएगा। साथ ही उनकी समस्या संबंधित सारी शिकायतें भी इसी पोर्टल पर डाली जा सकती हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य गुरुवार को लालबहदुर शास्त्री भवन में सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर पत्रकारों को अपने विभाग की उपलब्धियां बता रहे थे।

श्रम मंत्री ने कहा कि किसी मजदूर की हादसे में मौत होने पर 05 लाख, अंग-भंग होने पर 02 लाख और अंत्येष्टि के लिए 25 हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है। मजदूर के घर में बेटी पैदा होने पर 15 हजार, और बेटा होने पर 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। छोटी-मोटी बिमारियों के लिए भी मजदूरों को चिकित्सीय सुविधा हेतु आर्थिक सहायता के लिए 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष की सहायता दी जा रही है। अगर एक साल ही किसी ने पंजीकरण कराया और आगे वह पंजीकरण नहीं करा पाया तो भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकता है।

श्रम मंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिकरण बढ़ाने एवं निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने को 15 जटिल श्रम अधिनियम में संशोधन कर प्रस्ताव राष्ट्रपति को भेज गया है। वहीं सरकार ने छोटे एवं लघु उद्योग को भी कारखाना अधिनियम एवं संविदा श्रम अधिनियम से मुक्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि श्रम अधिनियमों में एक वर्ष में बहुत परिवर्तन हुआ है।

शॉप एक्ट और फैक्ट्रीज एक्ट भी लागू होगा। अब महिलाएं दुकानों और कारखानों में रात में भी काम कर सकेंगी। 500 से ऊपर बाल श्रमिकों के नियोजकों का चालान किया जा चुका है। 6 हजार 903 श्रमिक वाद निस्तारित। 704 नई फैक्ट्रियों के लाइसेंस निर्गत कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि दारोगा राज पर तगड़ा अंकुश लगाया गया है। सेवायोजन पोर्टल पर बेरोजगार और नियोजक भी पंजीकरण हो सकता है। 08 जून, 2017 के बाद से 61 हजार 640 लोगों को रोजगार भी मिला।

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