नियमों की अनदेखी कर धडल्ले से बिक रही सिगरेट

भोपाल: राजधानी में अधिकांश ब्रांड नियमों को दरकिनार कर सिगरेट बेंच रहे हैं। इस तरह की शिकायत जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन के दफ्तर में हुई। शिकायतकर्ता ने ब्लैक, पाइन, गरम, मोंड, ऐजे लाईट नाम की सिगरेट के पैकेट के सैंपल भी दिए है। इधर इस मामले में स्वास्थ्य आयुक्त पल्लवी जैन गोविल का कहना है कि इन पैकेट्स की जांच कराई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने के मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

नियमानुसार सिगरेट के पैकेट में 85 फीसदी भाग पर सिगरेट व तम्बाकू से कैंसर या कर्क रोग होता है, यह चेतावनी चित्र सहित लगानी है आवश्यक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोटपा नियम में इस स्पष्ट उल्लेख है,लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अवैध रूप से बाजार में बिक रही पांचों ब्रांडों ब्लैक, पाइन, गरम, मोन्ड, ईजी लाईट की सिगरेट पर न तो पता है और न ही पैकेट पर कीमत दर्ज है। कंपनी का नाम, पता, बैच नंबर, प्रोडक्ट नंबर, लॉट नंबर, लायसेंस नंबर आदि डिक्लेरेशन तक नहीं है। इसके बावजूद भी भोपाल में रोजाना यह सिगरेट के पैकेट हर एक दुकानों पर सेल्समैनों के माध्यम से सप्लाई हो रहे हैं।

जब मार्केट में इन सिगरेट की सर्चिंग की गई तो, दुकानों व ठेलों पर यह सिगरेट खुलेआम बिकती नहीं मिली, लेकिन जैसे ही ब्रांड का नाम बताया तो उन्होंने तत्काल अपने झोले या दराज से सिगरेट का पैकेट निकालकर दे दी। हालांकि सिगरेट के पैकेट पर कोई लेवलिंग न होने से उसकी कीमत तक पता नहीं चल पा रही है। दुकानदार एक सिगरेट को अपनी मनमुताबिक कीमत में भी बेंच सकता है।

सिगरेट के पैकेटों में चेतावनी लेवल तक नहीं लगा है। बावजूद इसके इन ब्रांडों की सिगरेट के खिलाफ ड्रग इंस्पेटर तक कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त पल्लवी जैन गोविल का कहना है कि आए हुए सैंपलों के आधार पर जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर सिगरेट कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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