निर्भया कोष से लखनऊ को 194.44 करोड़ रुपये की मंजूरी

लखनऊ ब्यूरो। गृह मंत्रालय ने निर्भया कोष योजना के अंतर्गत लखनऊ को महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर बनाने के उद्देश्य से 194.44 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इसमें 60 प्रतिशत केन्द्र सरकार व 40 प्रतिशत की राशि राज्य सरकार लगाएगी। ‘सुरक्षित शहर परियोजना’ लागू करने की जिम्मेदारी उप्र पुलिस को दी गई है जिसमें नगर निगम व शहर परिवहन प्राधिकरण उसे सहयोग करेगा।

इस परियोजना में लखनऊ के साथ-साथ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलुरु, हैदराबाद व अहमदाबाद को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

यह परियोजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, संबंधित शहरों के नगर निगमों प नगर महापालिकाओं, पुलिस आयुक्तों और सिविल सोसाइटी संगठनों के परामर्श से लागू की जा रही है।

इस परियोजना के तहत पुलिस लखनऊ में एकीकृत स्मार्ट नियंत्रण कक्ष की स्थापना करेगी। इसके साथ ही एकल इमरजेंसी नंबर (112) के साथ वूमेन पॉवरलाइन (1090) का एकीकरण किया जाएगा। इससे किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं दोनों में से किसी भी एक नंबर पर कॉल, एसएमएस या वाट्सएप संदेश भेज सकेंगी।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए राजधानी को गृह मंत्रालय ने दी धनराशि

महिलाओं द्वारा शिकायत दर्ज कराने में सहायता के लिए पिंक आउट-पोस्ट (चौकियां) स्थापित की जाएंगी, जो पूरी तरह महिला पुलिस द्वारा संचालित होंगी। महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने के लिए महिला पुलिस की पिंक पेट्रोलिंग (गश्त) भी होगी। परामर्शदाताओं के साथ सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित होगा।

वर्तमान आशा ज्योति केंद्र को सुदृढ़ बनाया जाएगा। शहर में चलने वाली बसों में कैमरे लगवाने के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी अन्य उपाय भी किए जाएंगे। अप्रिय घटना की संभावना वाले क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था में सुधार किया जायेगा और पिंक शौचालयों की स्थापना होगी।

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