नीति आयोग और WHO ने दी बधाई- ‘महज 9 महीनों में 100 करोड़ के पार कोविड-19 टीकाकरण’

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस वैक्सीनेशन का आंकड़ा 100 करोड़ के पार पहुंच गया है। देश में वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत 16 जनवरी 2021 से हुई थी। भारत में कोविड-19 वैक्सीनेशन के 100 करोड़ का आंकड़ा पार करने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और नीति आयोग ने बधाई दी है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा है, ”100 करोड़ वैक्सीन डोज के आंकड़े पर पहुंचाना बहुत ही अद्भुत है। ये वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू होने के सिर्फ 9 महीने में हासिल किया गया है। ये राज्य सरकारें और जिला टीमों और लोगों की उपलब्धि है।” डब्ल्यूएचओ ने भी भारत को बधाई दी है।

डब्ल्यूएचओ में दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, ”भारत का ये माइलस्टोन बहुत ही खास है क्योंकि भारत ने सिर्फ अपने ही देश के नागरिकों को नहीं बल्कि दुनिया के और देशों को भी वैक्सीन की करोड़ों डोज दी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन भारत को इस कामयाबी के लिए बहुत बधाई देता है।”

डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने यह भी कहा है कि मजबूत राजनीतिक नेतृत्व, अंतर-क्षेत्रीय अभिसरण, स्वास्थ्य और फ्रंटलाइन कार्यबल के समर्पित प्रयासों के बिना कम समय में असाधारण उपलब्धि संभव नहीं थी। वहीं नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा, ”ये माइलस्टोन बहुत महत्वपूर्ण है। 75 फीसदी से अधिक वयस्कों को पहली खुराक दी गई है लेकिन साथ ही, 25 प्रतिशत वयस्क, जो मुफ्त टीकाकरण प्राप्त करने के योग्य हैं, अभी भी अशिक्षित हैं। जिन लोगों ने पहली खुराक नहीं ली है, उनके टीकाकरण के प्रयास को आगे बढ़ाने की अब भी जरूरत है।”

डॉ वीके पॉल ने कहा, ”केवल 30 प्रतिशत से अधिक भारतीयों ने दोनों खुराक के साथ वैक्सीनेशन करवाया है। लगभग 10 करोड़ व्यक्ति ऐसे हैं, जिन्हे दूसरी डोज लेनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने नहीं ली है। यह अब अधूरा काम है जिसे हमें पूरा करना होगा, और उन व्यक्तियों को उनकी दूसरी खुराक लेने के लिए रिमाइंडर भेजना होगा।”

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper