नीरव मोदी के बाद पाल कंपनी के अधिकारियों ने किया 4 हजार करोड़ का बैंक फ्रॉड

दिल्ली ब्यूरो: देश में बैंक फ्राड के मामले कम होने के नाम नहीं ले रहे हैं। मुंबई पुलिस ने एक बैंक फ्रॉड की जांच के दौरान पारेख अल्यूमिनेक्स लिमिटेड नाम (पाल) की कंपनी के तीन डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। कंपनी पर देनदारों ने चार हजार करोड़ रुपए बकाए होने का आरोप लगाया है।

बता दें कि कंपनी के खिलाफ एक्सिस बैंक ने 250 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि कंपनी को कर्ज देने वाले अन्य पक्ष 4,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का दावा कर रहे हैं। धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, ब्रीच ऑफ ट्रस्ट और आपराधिक साजिश के तहत इकनॉमिक ऑफेंसेज विंग ने कंपनी के डायरेक्टर भंवरलाल भंडारी, प्रेमल गोरागांधी और कमलेश कानूनगो को गिरफ्तार किया है।मालुम हो कि एक्सिस बैंक कंपनी को पर्दाफाश करने वाले 20 देनदारों में से एक है।

वहीं, पुलिस ने इस बात से इनकार नहीं किया है कि मामले में बैंक कर्मियों की भी भूमिका हो सकती है। पारेख अल्यूमिनेक्स के खिलाफ एसबीआई और इंडियन ओवरसीज बैंक की शिकायत पर पहले से ही सीबीआई जांच चल रही है। देनदारों का आरोप है कि कंपनी रियल स्टेट डेवलपर्स को फंड डाइवर्ट करती थी। पुलिस का कहना है कि पाल ने भरोसा जीतने के लिए पहले एक्सिस बैंक से 125 करोड़ रुपए के तीन शॉर्ट टर्म लोन लिए थे। इसके बाद 2011 में कंपनी ने बैंक से 127.5 करोड़ रुपए का लोन लिया।

इसके लिए पारेख ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक मीटिंग से जुड़े दस्तावेज जमा कराए, लेकिन ये मीटिंग कभी हुई ही नहीं थीं। ये सब उसने बैंक से पैसे लेने के लिए किया था। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद कई और बैंको की भी जांच चल रही है। माना जा रहा है कि देश के कई और व्यापारी और उद्योगपति इसी तरह से बैंक को चुना लगाते रहे हैं।

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