नीरव मोदी को लाभ पहुंचने वाले बैंककर्मियों ने विदेश में प्रॉपर्टी खरीदी

दिल्ली ब्यूरो: पीएनबी फ्रॉड मामले से जुड़ी कुछ नई जानकारियां सामने आई हैं। सरकारी एजेंसियों को शुरुआती जांच में पता चला था कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने आय से अधिक संपत्ति बनाई है और उन्होंने विदेश में प्रॉपर्टी भी खरीदी है, बैंक खाते तक खोल रखे हैं। जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया, ‘अभी तक ऐसे कुछ ही कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं, लेकिन फ्रॉड में ज्यादा कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि ये संपत्ति नीरव मोदी घोटाले से जुड़ी हो सकती है। पीएनबी ने इन कर्मचारियों पर ऐक्शन लेने के लिए कानूनी राय मांगी है।

बैंक ने नीरव मोदी केस के फरेंसिक ऑडिट का काम बीडीओ इंडिया को सौंपा है। एक बैंकर ने बताया कि पीएनबी ने ऑडिट में नीरव मोदी के साथ अपने कर्मचारियों की संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटाने को कहा है। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियां और वकील इस सिलसिले में ज्यादातर काम कर चुके हैं। हालांकि, बैंक को इस मामले में कुछ कानूनी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी एसेट का पता लगाना तो आसान है, लेकिन रिकवरी मुश्किल होती है। ‘ऐसे कथित भ्रष्ट लोग विदेश में अपने नाम पर संपत्ति नहीं खरीदते और न ही पैसा जमा कराते हैं। इसलिए उनकी रिकवरी आसान नहीं होती। पीएनबी को अदालत में आखिरकार यह साबित करना होगा कि इन कर्मचारियों ने बैंक के खिलाफ आपराधिक साजिश की और इससे बैंक को नुकसान हुआ।’

बता दें कि सीबीआई की एफआईआर में नीरव मोदी, मेहुल चौकसी के साथ-साथ पीएनबी के सात कर्मचारी, फायरस्टार इंटरनेशनल और गीतांजलि जेम्स के कर्मचारियों के नाम दर्ज हैं। जांच करने वालों को शक है कि नीरव मोदी के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने राउंड ट्रिपिंग में मदद की होगी।

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