नीरव से पहले भी लुटा था पीएनबी, पिछले वित्त वर्ष में लगा था 2800 करोड़ का चूना

नई दिल्ली: पीएनबी को सिर्फ नीरव मोदी या मेहुल चौकसी ने नहीं लूटा है, बल्कि कई अन्य लोगों ने भी देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक को चूना लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि पिछले वित्त वर्ष में धोखाधड़ी के कई मामलों में पीएनबी को 2800 करोड़ का नुकसान हुआ। इस तरह की धोखाधड़ी के मामले में पीएनबी को सबसे ज्यादा क्षति हुई है। ये मामले इस साल सामने आए 12600 करोड़ रुपये के घोटाले से अलग हैं।

पीएनबी ने फरवरी में दो अरबपति ज्वेलर्स नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियों पर धोखाधड़ी के जरिए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग हासिल कर घोटाले का आरोप लगाया था। 2010 से 2017 के बीच इन कंपनियों ने बैंक के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले को अंजाम दिया। वित्त मंत्रालय ने संसद को बताया है कि पीएनबी घोटाले के प्रकाश में आने से पहले 31 मार्च 2017 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में सरकारी बैंकों से 2718 केसों में 19533 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

मंत्रालय ने कहा कि अकेले पीएनबी में 2016-17 में धोखाधड़ी के 158 केस सामने आए। पीएनबी ने इस मामले में फिलहाल कॉमेंट करने से इंकार किया है। आर्थिक नुकसान के मामले में पीएनबी के बाद दूसरा स्थान बैंक ऑफ इंडिया का है, जिसने 2770 और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 2420 करोड़ रुपये गंवाए हैं। पिछले पांच सालों में भारतीय सरकारी बैंकों को 8670 लोन फ्रॉड के केसों में 61260 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।

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