नॉस्टैल्जिया में सुमित ने भारतीय संवेदनाओं को रचा है : अवधेश मिश्र

लखनऊ: कला स्रोत आर्ट गैलरी में प्रख्यात कलाकार एवं कला समीक्षक अवधेश मिश्र के व्याख्यान के साथ युवा कलाकार सुमित कुमार की नॉस्टैल्जिया प्रदर्शनी का आज समापन हुआ। अपने व्याख्यान में मुख्य वक्ता ने मानव यात्रा में सांस्कृतिक सरोकार पर बोलते हुए अपने परिवेश और संवेदनाओं को जीने और अपनी रचनाओं के माध्यम से सुसंस्कृत होते रहने की बात करते हुए कहा कि सुमित कुमार ने अपने चित्रों में न कि सिर्फ अपने जिए हुए पलों को बल्कि मानव विकास यात्रा और समाज में सांस्कृतिक व्याप्ति को तो संरक्षित किया ही है प्रकृति और संस्कृति के साथ एक दूसरे के लिए जीने का प्रस्ताव भी दिया है।

इस अवसर पर कला समीक्षक डॉ लीना मिश्र ने कहा कि किसी गुरु को योग्य शिष्य मिलना भी सौभाग्य होता है। सुमित अपने गुरु के दिखाए हुए रास्ते पर आगे बढ़ते हुए एक मिसाल कायम करेंगे,आशा है। सोशल वर्कर शिखा तिवारी शुक्ला ने कहा कि कम उम्र में विरले लोग ही इतने विचार संपन्न हो पाते हैं। अपनी कला यात्रा के बारे में बात करते हुए सुमित कुमार ने कहा कि जिस तरह मुझे एक कलाकार के रूप में मेरे व्यक्तित्व निर्माण में मेरे गुरु डॉ अवधेश मिश्र का योगदान है। मैं इसे अपना सौभाग्य समझते हुए आजीवन भारतीय संस्कृति को समर्पित रहूंगा।

इस अवसर पर नगर के अनेक कला प्रेमियों सहित रवि, पूनम, अनुराग, प्रशांत चौधरी, निधि चौबे और अनेक युवा कलाकार व विद्यार्थीगण उपस्थित थे। गैलरी की ओर से रतन जैसवाल ने मानसी डीडवानिया और अनुराग डीडवानिया को युवा कलाकारों की सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए प्रदर्शनी के समापन की घोषणा की।

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