नोटिसों से नहीं डरेंगे, आंदोलन को खत्म करने की हो रही कोशिश: संयुक्त किसान मोर्चा

नई दिल्ली: किसानों के आंदोलन को खत्म किए जाने की लगाई जा रहीं अटकलों के बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरुवार को कहा है कि वे दिल्ली पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिसों से नहीं डरेंगे। मालूम हो कि गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा हुई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कई किसान नेताओं को नोटिस भेजे हैं। पुलिस ने किसान नेताओं से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि आखिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। दिल्ली में हिंसा पर संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि असली दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, पुलिस शांति से विरोध कर रहे किसानों को गिरफ्तार कर रही है।

सरकार 26 जनवरी की हिंसा के लिए हमें दोषी ठहराकर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन को खत्म करने की कोशिश कर रही है। यह स्वीकार्य नहीं है। वहीं, ऑल इंडिया किसान सभा के महासचिव बलदेव सिंह ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने के हमारे जज्बे में कोई कमी नहीं आई है। सच तो यह है कि सिंघु सच्चाई नहीं देखे जाने के कारण ही खाली नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि दरअसल, परेड की तैयारी को लेकर काफी संख्या में लोग थे, लेकिन अब वे लोग लौट गये हैं, इसलिए भीड़ कम नजर आ रही है। हालांकि, संयुक्त किसान मोर्चा ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषणा की थी कि ट्रैक्टर परेड में हिस्सा लेने वाले सभी किसान यहीं रुकेंगे और उनके ठहरने के लिए इंतजाम किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि ट्रैक्टर रैली निकालने के दौरान समझौते का पालन न करने के लिए कम से कम 20 किसान नेताओं को नोटिस भेजा है। गणतंत्र दिवस के दिन किसानों का ट्रैक्टर मार्च बेकाबू हो गया था जिसके बाद दिल्ली के कई हिस्सों में हिंसा हुई। पुलिस ने जिन नेताओं को नोटिस भेजा है उनमें योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा और बलबीर एस राजेवाल भी शामिल हैं। पुलिस ने इन नेताओं को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया है।

हिंसा की घटना के दो दिन बाद गुरुवार को दिल्ली के सिंघु बार्डर और टीकरी बार्डर पर स्थित प्रदर्शन स्थलों पर अपेक्षाकृत भीड़ कुछ कम दिखाई दी। केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के तीन मुख्य प्रदर्शन स्थलों– सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बार्डरों– पर अब एहतियाती कदम उठाते हुए अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं। गौरतलब है कि किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की घटना में 394 पुलिसकर्मी घायल हो गये और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई।

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