पंजाब में नाइट कर्फ्यू और संडे लॉकडाउन खत्म, शादी में शामिल हो सकेंगे 100 लोग

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरूवार को कई छूटों के आदेश देते हुए रात का कर्फ़्यू और रविवार का लॉकडाउन ख़त्म करने की घोषणा की। इसके साथ ही डी.जी.पी. को मास्क पहनने और अन्य सुरक्षा उपायों का पालन यकीनी बनाने के भी आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा भारत सरकार की तरफ से जारी हिदायतों के अनुसार की गई छूटों के ऐलान में राज्य में विवाह और संस्कार के समय व्यक्तियों के शामिल होने की सीमा बढ़ाकर 100 कर दी गई है। इसके साथ ही कार में तीन व्यक्तियों के सवार होने और बसों में 50 प्रतिशत सवारियों की क्षमता में भी ढील दे दी है बशर्ते सफऱ के दौरान खिड़कियाँ खुलीं हों।

इसी दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन यकीनी तौर पर करवाने के आदेश दिए हैं और मास्क पहनने की लाजि़मी शर्त का उल्लंघन करने वालों के खि़लाफ़ तुरंत कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि जारी धान खरीद प्रक्रिया और त्योहारों के मौसम को देखते हुए इस सम्बन्धी कोई ढील न बरती जाए।

स्कूल और शैक्षणिक संस्थाएं खोलने के मामले जिसके बारे में केंद्र ने अनलॉक 5.0 के अंतर्गत 15 अक्तूबर से फ़ैसला लेने के अधिकार राज्यों पर छोड़ दिए हैं, संबंधी अंतिम फ़ैसले का ऐलान गृह सचिव और शिक्षा विभाग के बीच विचार-विमर्श के बाद किया जायेगा। राज्य में कोविड की स्थिति संबंधी बुलाई गई वर्चुअल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने राज्य में मामलों और मृत्युदर में आई गिरावट को देखते हुए कहा कि पहले लगाई गाई पाबंदियों से राज्य सरकार को बहुत मदद मिली है। हालाँकि उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते मामलों पर चिंता जताई भले ही शहरों/कस्बों में मामलों की संख्या ज़रूर कम हो रही है। अमरिन्दर सिंह ने मुख्य सचिव विनी महाजन को निर्देश दिए कि अस्पतालों से छुट्टी हासिल करने वाले गरीब कोविड मरीज़ों के लिए विटामिन आदि के प्रबंधों का ख़्याल रखा जाये। इससे पहले संक्षिप्त प्रस्तुति में राज्य के स्वास्थ्य माहिरों की समिति के प्रमुख डॉ. के.के. तलवार ने कहा कि राज्य में पॉजिटिव मामलों की दर 14 सितम्बर को 10.85 प्रतिशत थी जोकि 28 सितम्बर को घटकर 5.12 प्रतिशत पर आ गई।

इस समय के दौरान मृत्युदर और वैटीलेंटर वाले मरीज़ों की दर में गिरावट आई है। राज्य में इस समय कोविड मृत्युदर 2.95 प्रतिशत है और प्रति मिलियन मृत्युदर 112.5 प्रतिशत है। रिकवरी दर बढ़कर 82.1 प्रतिशत हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने स्थिति को नियंत्रण अधीन रखने के लिए डॉक्टरों और अन्य मैडीकल स्टाफ का हौसला बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।स्वास्थ्य सचिव हुस्न लाल ने सरकारी और प्राईवेट अस्पतालों आदि की मौजूदा स्थिति के विवरण साझे किये जबकि सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान डी.के. तिवारी ने खुलासा किया कि अब तक 3 सरकारी मैडीकल कॉलेजों में 54 कोविड मरीज़ अपना प्लाज्मा दान कर चुके हैं।

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