पंद्रह साल पुराने वाहनों का नवीनीकरण न कराने पर लगेगा चार हजार का जुर्माना

लखनऊ। परिवहन विभाग पंद्रह साल पुराने वाहनों को लेकर सख्त हो गया है। इसलिए लखनऊ सहित सूबे के अन्य जिलों में बिना नवीनीकरण के 15 साल पुराने वाहनों के चलाने पर चार हजार रुपये का जुर्माना लग सकता है। आरटीओ (प्रवर्तन) विदिशा सिंह ने शनिवार को बताया कि बिना नवीनीकरण के 15 साल पुराने दो और चार पहिया वाहनों को चलाने पर मोटरयान नियमावली चार हजार रूपये के जुर्माने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि ऐसे वाहन स्वामी जिनके दो व चार पहिया वाहनों की उम्र 15 साल पूरी हो गई है। वे अपने वाहनों का नवीनीकरण जरूर करा लें। लखनऊ में ऐसे वाहनों की संख्या चार लाख पैंतीस हजार के आसपास है। इनमें एक लाख से ज्यादा वाहनों को कबाड़ की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा शेष वाहन कहीं न कहीं चल रहे हैं। ऐसे वाहनों का पुन: नवीनीकरण नहीं कराया गया है। इस तरह के पुराने वाहन शहर में प्रदूषण फैला रहे हैं और जाम की वजह भी बने हैं।

आरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि ऐसे वाहनों के मालिक को नोटिस भेजने के बाद यदि एक माह तक जवाब नहीं आता है तो ऐसे वाहनों की धरपकड़ ​की जाएगी। परिवहन विभाग ने लखनऊ सहित प्रदेश भर में दौड़ रहे बिना रजिस्ट्रेशन के दो व चार पहिया वाहनों की सूची तैयार की है। सूची में 31 मार्च 2018 तक 15 वर्ष उम्र पूरी कर चुके वाहनों का ब्योरा है।

उन्होंने बताया कि 15 वर्ष पुरानी दो व चार पहिया गाड़ी यदि कबाड़ हो गई है और किसी कबाड़ी को बेचने जा रहे हैं तो कबाड़ी से बेचने की रसीद और चेचिस नंबर लेना जरूरी होगा। इसी कागज को आरटीओ कार्यालय में जमा करके गाड़ी का पंजीकरण रद्द कराना होगा। ऐसे नहीं करने पर गाड़ी आपके ही नाम रहेगी। इस गाड़ी से कोई घटना होती है तो वाहन स्वामी जिम्मेदार होगा।

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