पं. केशरीनाथ त्रिपाठी का अपना एक अलग व्यक्तित्व: दिनेश शर्मा

प्रयागराज ब्यूरो। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पं. केशरीनाथ त्रिपाठी में कई गुणों का समावेश है। उन्हें कभी साहित्यकार के रूप में तो कभी कवि के रूप में और कभी सच्चे समाजसेवी के रूप में देखता हूं। इनका अपना एक अलग व्यक्तित्व है और आपका मार्गदर्शन बराबर सबको मिलता रहे, यही सबकी अभिलाषा है।

उक्त बातें उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डाॅ. दिनेश शर्मा ने शनिवार को हिन्दुस्तानी एकेडमी में पं. केशरीनाथ त्रिपाठी के 85वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में भारतीय परिषद प्रयाग के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में कही।

उन्होंने कहा कि त्रिपाठी ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका विपक्ष भी सुनता है और उनकी बात को कोई नहीं टालता। वह किसी भी काम के लिए ना नहीं करते, इसीलिए विपक्ष भी सम्मान करता है। कहा कि ऐसे कई गुण आपमें हैं जो सबमें नहीं पाये जाते। उन्होंने कहा कि एक बार मैं पश्चिम बंगाल गया तो वहां के लोग बड़े तुनकमिजाजी दिखाई दिये।

एक ने कहा कि वहां की मुख्यमंत्री बड़ी तुनक मिजाज की हैं लेकिन जब राज्यपाल के सामने पड़ती हैं तो एकदम शान्त पड़ जाती हैं। अंत में कहा कि पिछली बार इलाहाबाद आया था, इस बार प्रयागराज आया हूं और ऐसी नगरी में साहित्यकारों को सम्मानित करते बड़ी खुशी हो रही है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. केबी पाण्डेय, पूर्व लोक सेवा आयोग अध्यक्ष ने कहा कि पं. केशरीनाथ त्रिपाठी 85वां जन्मदिन मनाकर अब सन्त की श्रेणी में आ गये हैं। वे शतायु हों और हम लोगों को उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन मिलता रहे, यही कामना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.अविराज राजेन्द्र मिश्र, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय ने करते हुए पुस्तक ‘जख्मों पर शवाब’ पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आए कई साहित्यकारों को उपमुख्यमंत्री ने सम्मानित किया एवं इसके साथ ही सेवानिवृत्त कुलपति प्रो. अविराज राजेन्द्र मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक ‘जख्मों पर शवाब’ का विमोचन भी किया। इस पुस्तक का हिन्दी से संस्कृत में अनुवाद किया गया है।

 

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