पकड़ी गयी 32 लाख की पुरानी करेंसी

लखनऊ: रामचन्द्र मिशन के सेवादार को मड़ियांव पुलिस ने गिरफ्तार कर 32 लाख रुपये की बंद हो चुकी भारतीय मुद्रा बरामद की। पूछताछ में आरोपितों ने कबूला कि उक्त मुद्रा आश्रम के मैनेजर व वहां रहने वाले एक अन्य की है। उनके कहने पर वह इसे खपाने नेपाल जा रहा था। पुलिस अब उन दोनों की तलाश कर रही है।सीओ अलीगंज दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर मड़ियांव टीपी सिंह रविवार रात टीम के साथ आईआईएम तिराहा से आईआईएम इंस्टीट्यूट की ओर जा रहे थे। इसी बीच रामचन्द्र मिशन गेट नम्बर-1 से निकलकर झोला लेकर युवक आ रहा था। पुलिस को देख वह घबरा गया।

शक होने पर से पुलिस ने उसे पकड़ा और झोले की तलाशी ली। झोले में बंद हो चुके पांच सौ व हजार के नोटों की गड्डियां मिली। गिनने पर पता चला कि रुपये करीब 32 लाख हैं। पूछताछ में युवक ने अपना नाम उपेन्द्रनाथ पाण्डेय निवासी महाराजगंज हालपता जानकीपुरम विस्तार बताया। आरोपित ने कहा कि वह रामचन्द्र मिशन का सेवादार है। उसने कहा कि बंद हो चुकी भारतीय मुद्रा उसे रामचन्द्र मिशन के मैनेजर एके सक्सेना व आश्रम में रहने वाले विशम्भरनाथ मिश्रा ने दी थी। उन्होंने उससे कहा था कि वह आईआईएम तिराहे पर पहुंचे, पीछे से वे आ रहे हैं।

इंस्पेक्टर टीपी सिंह ने बताया कि मैनेजर एके सक्सेना पीडब्ल्यूडी के रिटार्यड इंजीनियर हैं। जबकि विशम्भरनाथ मिश्रा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के रिटार्यड अधिकारी हैं। दोनों रामचन्द्र मिशन में ही रहते हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों बंद मुद्रा को नेपाल में खपाना चाहते थे। उन्होंने साजिश के तहत उपेन्द्र नाथ पाण्डेय को नोटों से भरा झोला देकर भेजा था। आरोपित एके सक्सेना व विशम्भरनाथ मिश्रा की तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि उक्त रकम किसकी है और कहां से आयी थी। पुलिस ने एसबीएन एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper