पत्नी ने किया नॉनवेज खाने से मना तो डॉक्टर ने किया सुसाइड

लखनऊ। असिस्टेंट कमिश्नर ट्रेड टैक्स के डॉक्टर पति ने नॉन वेज खाने से मना करने पर नाराज होकर बुधवार रात फांसी लगा ली। वह अवसाद में ही थे। गोमतीनगर के विपुलखंड निवासी स्किन के डॉक्टर उमाशंकर गुप्ता (35) ने बुधवार देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी पत्नी दीप्ति वाणिज्यकर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। इंस्पेक्टर गोमतीनगर पीके झा के मुताबिक पत्नी से विवाद के बाद डॉक्टर ने कमरे में जाकर आत्महत्या की है, घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। घरवाले इस संबंध में कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।

मूलरूप से शाहजहांपुर में पुलिस लाइन के पास रहने वाले ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के सेवानिवृत्त अधिकारी हरिशंकर गुप्ता के बेटे उमाशंकर गुप्ता काफी दिनों से अपने घर भी नहीं गए थे। वह ससुर आरके अग्रवाल के विपुलखंड स्थित मकान में पत्नी दीप्ति व पांच साल की बेटी आद्या के साथ रहते थे। बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे के करीब उमाशंकर गुप्ता क्लीनिक से घर आए।

इंस्पेक्टर गोमतीनगर के मुताबिक उमाशंकर नॉन वेज लाए थे, उन्होंने बेटी को भी खिलाया, जिसका पत्नी दीप्ति ने विरोध किया। इससे नाराज होकर वह कमरे में चले गए। इसके बाद उमाशंकर ने रस्सी के सहारे पंखे के कुंडे से फांसी लगाकर जान दे दी। दीप्ति के आवाज देने पर भी दरवाजा न खुलने पर उन्होंने उमाशंकर के सहयोगी डॉक्टर हेमंत पांडेय और पड़ोसी आर्यन सिंह को फोन करके घर बुलाया। इसके बाद पुलिस बुलाकर दरवाजा तोड़ा तो पति का शव फांसी पर लटका देख दीप्ति की चीख निकल पड़ी। घरवाले उमाशंकर को पास के एक निजी अस्पताल भी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इंस्पेक्टर गोमतीनगर के मुताबिक उमाशंकर ने त्रिवेणीनगर के साथ रायबरेली में भी क्लीनिक खोल रखी थी। वह मरीज कम आने के चलते उमाशंकर अवसाद में थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि उमाशंकर की पत्नी लखनऊ में ही असिस्टेंट कमिश्नर हैं, घटना से पहले उमाशंकर ने पत्नी से घर में कम समय मिलने की बात कहकर भी नाराजगी जताई थी।

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