पद्मावती पर बैन लगाने की मांग पर राजपूत सडक़ों पर उतरे

धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश में संजय लीला भंसाली व पद्मावती के खिलाफ राजपूत समुदाय का गुस्सा सातवें आसमान पर है। हिन्दी फिल्म के खिलाफ लगातार जगह जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। फिल्म पद्मावती को लेकर राजपूतों में बढ़ता आक्रोश बढ़ा है। धर्मशाला में पद्मावती के विरोध में राजपूत समुदाय सडक़ों पर उतरा । और संजय लीला भंसाली की फिल्म के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुये पद्मावती को पूरी तरह बैन करने की मांग की।

राजपूत कल्याण सभा हिमाचल प्रदेश के बैनर तले आज धर्मशाला में विरोध स्वरूप राजूपत समुदाय के लोगों व राजपूत नारियों ने हाथों में तलवार लहराते हुए शहीद स्मारक से लेकर कोतवाली बाजार तक हजारों की संख्या में रैली निकाली व जिलाधीश के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ज्ञापन भेजकर अन्य प्रदेशों की भांति हिमाचल में भी पद्मावती फिल्म पर रोक लगाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान सडक़ पर यातायात पर भी प्रतिकूल असर पड़ा।

राजपूत कल्याण सभा हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष टेक चंद राणा ने कहा कि भंसाली की फिल्म पद्मावती में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है और राजपूतों की पूजनीय महारानी को अलाउद्दीन खिलजी के साथ प्रेममय मुद्रा में दर्शाया गया है। जोकि न केवल उस राजपूत वीरांगना के उज्जवल चरित्र पर प्रहार है, बल्कि राजपूत वीरांगनाओं का सामूहिक अपमान भी है। जिसे न केवल राजपूत समुदाय सहन करेगा, बल्कि समस्त स्त्री समाज के चरित्र के चरित्र को हीनता से दर्शाने के तुल्य है।

राणा ने कहा कि राजपूत समाज महारानी पद्मावती के चरित्र हनन का पुरजोर विरोध करता है तथा राजपूत समाज मांग करता है कि यह फिल्म बिल्कुल रिलीज न होने दी जाए। अन्यथा इसे हिमाचल प्रदेश में प्रदर्शित नही होने देंगे।

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