पद्मावत की रिलीज को लेकर देशभर में हंगामा, लखनऊ में करणी सेना ने काटा बवाल

लखनऊ : देश भर में जहाँ संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर हुड़दंग कट रहा है, वहीँ यूपी की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को रिलीज होने वाली इस फिल्म को लेकर बवाल मचा हुआ है. यहां के वेब मॉल में फिल्म के प्रदर्शन को रोकने को लेकर करणी सेना ने दोपहर में जमकर हंगामा काटा. इस हंगामे को लेकर वेब सिनेमा घर में तैनात बाउंसरों ने मॉल का गेट बंद कर लिया. इसके बाद भी जब उपद्रवी युवक नहीं माने तो गोमती नगर पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा. जिसके बाद पुलिस ने मौके पर बवाल काट रहे उपद्रवी युवकों को डंडे के बल पर खदेड़ा.

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार को दिए गए फैसले से संजय लीला भंसाली की विवादस्पद फिल्म पद्मावत के रिलीज का रास्ता साफ हो गया है और अब राज्य सरकारें सुरक्षा के इंतजाम करने में जुट गई हैं. बावजूद इसके देश के साथ दिल्ली-एनसीआर में भी उपद्रव जारी है. बुधवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली-हाईवे जाम कर दिया. इतना ही नहीं यहां पर उन्होंने आगजनी भी की.वहीं, करणी सेना के समर्थक गुरुग्राम के वजीरपुर-पटौदी रोड पर पहुंचे और जाम लगा दिया. इसके बाद वहां टायरों को जलाकर अवरोध पैदा कर दिया.

वजीरपुर-पटौदी रोड पर प्रदर्शन कर रहे करणी सेना के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पद्मावत फिल्मी की रिलीज पर पूरी तरह रोक लगाई जाए.कानून व्यवस्था नहीं बिगड़े इसलिए दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर जिले में गणतंत्र दिवस समेत अन्य कार्यक्रमों के चलते धारा 144 लगा दी गई है, वहीं, गुरुग्राम में भी ‘पद्मावत’ फिल्म के 25 जनवरी को रिलीज से पहले राजपूत करणी सेना की धमकी के मद्देनजर 28 जनवरी तक धारा 144 लगा दी है.बता दें कि करणी सेना ने फिल्म की स्क्रीनिंग कर रहे सिनेमाघरों को निशाना बनाने की धमकी दी है.

जानकारी के मुताबिक गुड़गांव में 40 से ज्यादा सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स हैं. हरियाणा सरकार ने हालांकि कहा कि वह फिल्म के प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करेगी.वहीं, गुड़गांव में डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था में गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर धारा 144 लगाई है. 25 जनवरी को फिल्म ‘पद्मावत’ रिलीज हो रही है.

फिल्म में विरोध जैसा कुछ भी नहीं

फिल्म पद्मावत को लेकर हो रहे विरोध के बीच मंगलवार को हिंदू संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने लॉजिक्स मॉल में फिल्म देखी. इसके बाद उन लोगों ने कहा कि फिल्म में विरोध जैसा अब कुछ भी नहीं है. पूर्व में राजपूत स्वाभिमान को ठेस पहुंचाते कुछ दृश्य व तथ्य थे. जिसे अब हटा दिया गया है.अब फिल्म का न तो विरोध होना चाहिए, न ही किसी को आक्रामक होने की जरूरत है.

फिल्म देखने के बाद सेक्टर 57 में हिंदूवादी संगठन से जुड़े सुरेश चौहाड़, इतिहासकार हेमेन्द्र राजपूत व हिंदू धर्म से जुड़े डॉ एचएस रावत ने मीडिया से बातचीत की.उन लोगों ने कहा कि हिंदूवादी संगठन के आगे संजय लीला भंसाली को झुकना पड़ा. उन्होंने फिल्म में राजपूत स्वाभिमान के खिलाफ मौजूद द़ृश्यों को हटा दिया है. करणी सेना के पदाधिकारियों के कहने पर यह फिल्म देखी गई. अब फिल्म में विरोध लायक कुछ भी नहीं है.

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