पल्स पोलियो अभियान का हुआ शुभारंभ, आज से घर-घर जाकर पिलाई जाएगी पल्स पोलियो की दवा

बरेली: माननीय मंत्री डा0 अरून कुमार ने कल यहाॅ पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया । मंत्री जी ने अपने उदबोधन में कहा कि पोलियो की दवा सुरक्षित और असरदार है । इसके प्रति मिथक और भ्रांतियों के कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो का उन्मूलन नहीं हो सका, जबकि भारत में पोलियो उन्मूलन संभव हो गया । चूंकि पड़ोसी देशों में पोलियो के वायरस मौजूद हैं, इसलिए एहतियातन भारत के भी हर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चे को पोलियो से पूर्ण प्रतिरक्षित किया जाना अनिवार्य है । इसलिए प्रत्येक अभिभावक का दायित्व है कि वह अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं।

माननीय मंत्री वन एवं पर्यावरण डॉ. अरुण कुमार ने यूपीएचसी बानखाना में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मेले का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर मा. मंत्री डॉ. अरुण कुमार, मा. मेयर डॉ. उमेश गौतम, जिलाधिकारी श्री शिवाकांत द्विवेदी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बलवीर सिंह ने बच्चों को पल्स पोलियो की ड्राप पिलाई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरीदपुर में माननीय विधायक फरीदपुर डॉ. श्याम बिहारी लाल, सुभाषनगर में माननीय विधायक कैंट श्री संजीव अग्रवाल, सी.बी. गंज में मा. मेयर डॉ. उमेश गौतम, दलेल्नगर में माननीय जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी के श्री रविन्द्र सिंह, फतेहगंज में माननीय जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी श्री पवन शर्मा, नवाबगंज में माननीय विधायक श्री एम पी आर्या, शेरगढ़ में माननीय चेयरमैन जिला सहकारी बैंक के श्री भानु गंगवार द्वारा स्वास्थ्य मेले एवं पल्स पोलियो कार्यक्रम बूथ का उद्घाटन किया। जिसमें क्षेत्र के अन्य सभी गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनुराग गौतम, डॉ विवेक, डॉ तौफीक अहमद व अन्य मौजूद थे ।बाकरगंज यूपीएचसी पर शहर क़ाजी मौलाना शहाबूददीन ने बच्चों को पोलियो की दो बूदं पिलाकर बूथ का उदघाटन किया। वहां बाकरगंज अस्पताल की इंचार्ज डॉ. सुमन जीत कौर,यूनिसेफ से डीएमसी इरशाद हसन खांन मौजूद थे ।

जिला प्रतिरक्षा अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि 19 से 23 सितंबर तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पोलियो की दवा पिलाएंगी । पोलियो का टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में भी शामिल है। पल्स पोलियो का ड्रॉप जन्म के समय ही दिया जाता है। इसके अलावा छह, दस और चौदह सप्ताह पर भी यह ड्रॉप पिलाया जाता है। इसकी बूस्टर खुराक सोलह से चौबीस महीने की आयु में भी दी जाती है।

भारत सरकार के नेशनल हेल्थ पोर्टल पर 23 अक्टूबर 2018 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक पोलियो के दो सौ संक्रमणों में से एक संक्रमण अपरिवर्तनीय पक्षाघात (आमतौर पर पैरों में) में बदल जाता है। ऐसे पक्षाघात पीड़ित में से पांच से दस फीसदी की मौत हो जाती है । ऐसे में इस जटिल बीमारी के प्रति संपूर्ण प्रतिरक्षण अति आवश्यक है।

डॉ प्रशांत रंजन ने बताया कि जिले में रविवार को आयोजित बूथ दिवस पर 2823 बूथों पर पोलियो की दवा पिलाई गई जिसमें अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अशोक कुमार, डॉ आर पी मिश्र, डॉ भानु प्रकाश, समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी, यूनीसेफ से इरशाद खान, सीएचएआई संस्था से श्री निसार अहमद, यूएनडीपी से श्री धर्मेन्द्र सिंह चैहान, जेएसआई से श्री शमीम अहमद, अर्बन हेल्थ कोआर्डिनेटर श्री अकबर हुसैन सहित स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

बरेली से ए सी सकसेना की रिपोर्ट

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