पश्चिम बंगाल में प्राइमरी की किताब में पढ़ाया जा रहा U से Ugly, नस्लभेद पर बवाल

कोलकाता: अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका सहित कई देशों में नस्लभेद के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन हो रहा है. नस्लभेद को लेकर अमेरिका से उठी आंच अब भारत के पश्चिम बंगाल में पहुंच गई है. प्राइमरी स्कूल की किताब में अश्वेत लोगों को Ugly बताए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है. यहाँ के एक प्राइमरी स्कूल की एक पुस्तक में U अक्षर की व्याख्या Ugly शब्द से की गई है.

यही नहीं इस शब्द के साथ एक अश्वेत व्यक्ति की तस्वीर लगाई है. इस पर बच्चों के अभिभावकों ने आपत्ति जाहिर की है. अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के अक्षरों और शब्दों की पुस्तक में U अक्षर की व्याख्या Ugly शब्द से की गई और एक अश्वेत इंसान की तस्वीर दर्शाई गई, जो कि गलत है. U से Ugly का यह मामला पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले से सामने आया है. बर्दवान जिले के एक सरकारी सहायता प्राप्त म्युनिसिपल गर्ल्स हाई स्कूल में इस किताब के माध्यम से प्री-प्राइमरी क्लास के बच्चों को अंग्रेजी अल्फाबेट और शब्दों की पढ़ाई कराई जा रही है.

इस बात का विरोध कर रहे अभिभावकों में से एक सुदीप मजूमदार ने बताया कि मेरी बेटी म्युनिसिपल गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ती है. यह गलत है कि उसे अश्वेत मनुष्यों को ugly पढ़ाया जा रहा है. इस किताब को वापस लिया जाना चाहिए. यदि ऐसा नहीं होता है तो बच्चों के मन में अश्वेत इंसानों के प्रति हीन भावना जन्म लेगी. इस मामले में स्कूल प्राइमरी एजुकेशन के डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर स्वप्न कुमार दत्त ने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है. हालांकि, उन्होंने कहा है कि इस तरह की शिक्षा देना गलत है. यह सरकार की तरफ से जारी की गई किताब नहीं है. मैं स्कूल से बात करूंगा और आवश्यकता पड़ेगी तो किताब को बदला जाएगा.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper